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Thursday, January 15, 2026
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प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल देना सरकार की जिम्मेदारी: सीएम डॉ. मोहन यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशव्यापी स्वच्छ जल अभियान शुरू करते हुए कहा कि दूषित पानी की आपूर्ति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगरीय निकायों और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में दूषित पानी की आपूर्ति न हो और जहां पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित मिले, वहां तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री शनिवार शाम राज्य विमानतल स्थित सभाकक्ष में उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे, जहां से उन्होंने प्रदेशव्यापी स्वच्छ जल अभियान का शुभारंभ किया।

स्वच्छ जल अभियान
स्वच्छ जल अभियान

दो चरणों में चलेगा स्वच्छ जल अभियान

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वच्छ जल अभियान दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहला चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी तक और दूसरा चरण 1 मार्च से 31 मई तक चलेगा। इस दौरान शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी। पाइपलाइन में लीकेज, दूषित मिश्रण और जल शोधन संयंत्रों की स्थिति की सख्त निगरानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल आपूर्ति व्यवस्था में तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। जीआईएस मैप आधारित एप के जरिए जल शोधन यंत्रों और पेयजल टंकियों की निगरानी की जाएगी। पाइपलाइन और सीवेज लाइनों की मैपिंग कर इंटरसेक्शन पॉइंट चिन्हित किए जाएंगे। लीकेज की जांच के लिए आधुनिक तकनीक और रोबोट का उपयोग किया जाएगा।

स्वच्छ जल अभियान
स्वच्छ जल अभियान

न्होंने दो टूक कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रदाय में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जल सुनवाई, जनभागीदारी और जवाबदेही पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की पेयजल से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए हर मंगलवार जल सुनवाई आयोजित की जाएगी। 181 हेल्पलाइन पर पेयजल संबंधी शिकायतों के पंजीयन की विशेष व्यवस्था रहेगी और तय समय-सीमा में उनका निराकरण कर आवेदक को सूचित किया जाएगा।

स्वच्छ जल अभियान
स्वच्छ जल अभियान

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री Kailash Vijayvargiya, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित प्रदेशभर के महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और अन्य जनप्रतिनिधि जुड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के बिना अभियान सफल नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रेंडम सैंपलिंग, नियमित परीक्षण और सीएम हेल्पलाइन जैसे माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करें, ताकि प्रदेश में हर घर तक सुरक्षित और स्वच्छ पानी पहुंचे।

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