आज 01 अक्टूबर 2025, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है जिसे शारदीय नवरात्रि का नौवां दिन कहा जाता है। इस दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की विधि-विधान से पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी आराधना से साधक को शक्ति, ज्ञान और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
इस तिथि पर विशेष रूप से कन्या पूजन का महत्व है। छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन और भोजन कराना शुभ माना जाता है। यही नहीं, महा नवमी पर हवन का भी अत्यधिक महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों पर सिद्धियों और कल्याण का आशीर्वाद बरसाती हैं।
आज का पंचांग 01 अक्टूबर 2025
इस विशेष दिन का पंचांग भी बेहद महत्वपूर्ण है।
- तिथि: शुक्ल नवमी (सायं 07:01 बजे तक)
- मास: अश्विन (पूर्णिमांत)
- दिन: मंगलवार
- संवत्: 2082
- योग: अतिगण्ड (02 अक्टूबर दोपहर 12:34 बजे तक)
- करण: बलव (प्रातः 06:38 बजे तक), कौलव (सायं 07:01 बजे तक)
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: प्रातः 06:14 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:07 बजे
- चंद्र उदय: दोपहर 02:28 बजे
- चंद्रास्त: 02 अक्टूबर, रात 12:53 बजे
ग्रह-नक्षत्र की स्थिति
आज चंद्रमा धनु राशि में और सूर्य कन्या राशि में रहेंगे। चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में सुबह 08:06 बजे तक रहेंगे। इस नक्षत्र के स्वामी शुक्र हैं और इसके देवता अपस (ब्रह्मांडीय महासागर) माने जाते हैं।
शुभ-अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:10 से 01:40 बजे तक
- गुलिकाल: प्रातः 10:41 से 12:10 बजे तक
- यमगण्ड: प्रातः 07:43 से 09:12 बजे तक
- अमृत काल: रात्रि 02:31 से 04:12 बजे तक
पूर्वाषाढ़ नक्षत्र के सामान्य गुण
इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग धार्मिक, साहसी, बुद्धिमान और दयालु स्वभाव के माने जाते हैं। वे वफादार मित्र होते हैं लेकिन शत्रु के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। इन्हें यात्रा और विलासिता प्रिय भी माना जाता है।
महा नवमी का धार्मिक महत्व
महा नवमी नवरात्रि के सबसे खास दिनों में से एक है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा के साथ कन्या पूजन करने का विशेष महत्व बताया गया है। छोटी कन्याओं की मासूमियत और पवित्रता में देवी का सच्चा रूप देखा जाता है। हवन और कन्या पूजन करने से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
नवमी तिथि का आरंभ 30 सितम्बर को शाम 06:06 बजे हुआ था और इसका समापन 01 अक्टूबर को शाम 07:01 बजे होगा। इस तरह पूरा दिन भक्तिमय रहेगा और मां सिद्धिदात्री की कृपा से हर साधक का जीवन मंगलमय होगा।




















