बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है। सरेंडर से पहले राजपाल यादव ने जो कहा, उसने वहां मौजूद अधिकारियों और उनके प्रशंसकों को भावुक कर दिया। उनका यह बयान एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में रिश्तों की हकीकत पर सवाल खड़े करता नजर आया।
न्यूज X की रिपोर्ट के मुताबिक, तिहाड़ जेल में सरेंडर से कुछ देर पहले राजपाल यादव बेहद भावुक हो गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनके पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है। राजपाल ने कहा, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई उपाय भी नहीं दिख रहा। यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस मुश्किल से अकेले ही निपटना होगा।” यह कहते हुए वह रो पड़े।
दरअसल यह मामला साल 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म अता पता लापता को फाइनेंस करने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी, जिसके बाद उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई। इसी दौरान पैसों की कमी के चलते उनका चेक बाउंस हो गया।
अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया और दोनों को छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद अभिनेता ने इस फैसले को चुनौती दी और अलग-अलग अपील के जरिए राहत पाने की कोशिश की। इस दौरान उन्हें कुछ समय की राहत जरूर मिली, लेकिन बकाया रकम बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
समय के साथ राजपाल यादव ने बकाया राशि का एक हिस्सा चुकाया, लेकिन तय समयसीमा का बार-बार पालन न होने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। अदालत ने साफ कहा कि किसी व्यक्ति की सार्वजनिक पहचान के आधार पर बार-बार नरमी नहीं बरती जा सकती। कोर्ट ने अभिनेता को बिना और देरी किए सरेंडर करने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राजपाल यादव ने आखिरकार तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। यह मामला न सिर्फ कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा है, बल्कि एक सफल अभिनेता की निजी और आर्थिक परेशानियों को भी सामने लाता है।
















