प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम के गुवाहाटी में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला और कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को विकास से दूर रखने का पाप किया। इसका खामियाजा देश की एकता, सुरक्षा और अखंडता को चुकाना पड़ा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस की सरकारों में हिंसा का दौर दशकों तक फलता-फूलता रहा। हम केवल 10-11 वर्षों में उसे खत्म करने की ओर बढ़ रहे हैं।”
पीएम मोदी ने विकास के आंकड़े गिनाते हुए कहा, “पूर्वोत्तर में जो जिले हिंसाग्रस्त माने जाते थे, आज वे आकांक्षी जिलों के रूप में विकसित हो रहे हैं। कांग्रेस 6-7 दशकों तक गलतियां करती रही, मोदी एक-एक करके उन गलतियों को सुधार रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि असम का विकास उनके लिए जरूरत, जिम्मेदारी और जवाबदेही है। इसलिए पिछले 11 वर्षों में यहां लाखों-करोड़ों रुपये की परियोजनाएं शुरू हुई हैं।
असम की उपलब्धियों का किया जिक्र
असम की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “असम भारतीय न्याय संहिता लागू करने में नंबर एक राज्य बना है। कांग्रेस के समय असम में बिना पर्ची, बिना खर्ची के सरकारी नौकरी मिलना असंभव था लेकिन आज यहां हजारों युवाओं को बिना पर्ची, बिना खर्ची के नौकरी मिल रही है।”
इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलता है, निवेशकों को कनेक्टिविटी का भरोसा मिलता है और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का रास्ता खुलता है। उन्होंने कहा कि यह विकास भारत की विकास यात्रा की पहचान बन रहा है।
कांग्रेस ने असम की पहचान मिटाने की साजिश की थी
ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने असम की पहचान मिटाने की साजिश की थी। उन्होंने कहा, “आजादी से पहले जब मुस्लिम लीग और अंग्रेजी हुकूमत मिलकर भारत के विभाजन की जमीन तैयार कर रहे थे, तब असम को अविभाजित बंगाल यानी पूर्वी पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की योजना बनाई गई थी। कांग्रेस उस साजिश का हिस्सा बनने जा रही थी, तब गोपीनाथ बोरदोलोई जी ने अपनी पार्टी के खिलाफ खड़े होकर असम को बचा लिया।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि बोरदोलोई के बाद कांग्रेस ने फिर असम विरोधी काम शुरू किए और मजहबी तुष्टीकरण के जरिए वोट बैंक बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “बंगाल और असम में घुसपैठियों को खुली छूट दी गई। यहां की जनसांख्यिकी बदली गई। आज हिमंत बिस्व सरमा सरकार मेहनत से असम के संसाधनों को इस अतिक्रमण से मुक्त करा रही है।”
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है और 2047 के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए देश इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस महाभियान में हर राज्य की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

















