MP Weather Update: प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। तीन अलग-अलग सिस्टम सक्रिय होने के कारण कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को कई शहरों में पूरे दिन बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश होती रही। इस बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखा, कई शहरों में दिन का पारा 23 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया।
दतिया में सबसे ज्यादा डेढ़ इंच तक बारिश दर्ज की गई। जबलपुर में सवा इंच, मलाजखंड में पौन इंच और गुना व मंडला में आधे इंच से अधिक पानी गिरा। राजधानी भोपाल, ग्वालियर, पचमढ़ी, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, रायसेन और नर्मदापुरम में भी रुक-रुककर फुहारों का सिलसिला बना रहा। बारिश के कारण कई जिलों में खेतों में खड़ी फसलों पर पानी भर गया है, जिससे किसानों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। कई जगह किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं।
लगातार बारिश और हवा चलने से दिन में ही ठंडक महसूस होने लगी है। दतिया का अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। गुना, नौगांव और टीकमगढ़ में भी तापमान 23 डिग्री के आस-पास रहा। भोपाल में दिन का तापमान 24 डिग्री, इंदौर में 23.2 डिग्री और उज्जैन व ग्वालियर में 24 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस साल ठंड देर तक रहने वाली है और फरवरी तक इसका असर बना रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार सर्दी 2010 के बाद सबसे कड़ाके की हो सकती है।
हालांकि प्रदेश से मानसून आधिकारिक तौर पर 13 अक्टूबर को विदा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी कई जिलों में बारिश जारी है। इस साल मानसून के दौरान भोपाल और ग्वालियर समेत करीब 30 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। गुना जिले में सबसे अधिक 65.7 इंच बारिश हुई, जबकि शाजापुर में सबसे कम वर्षा रिकॉर्ड हुई।




















