मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक निजी स्कूल में बच्चों के साथ हुई अमानवीय घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। मामला स्कूल में कक्षा 7 के उन छात्रों का है, जिन्होंने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था। सजा के तौर पर स्कूल स्टाफ ने इन मासूम बच्चों के कपड़े उतारकर ठंड के मौसम में स्कूल परिसर में ही खड़ा कर दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद भड़का गुस्सा
इस घटना का एक वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। छात्रों के परिजनों के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया।
शिक्षा विभाग ने की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच शुरू कर दी। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) संजय तोमर ने बताया कि यह घटना करीब दो महीने पुरानी है, लेकिन यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए स्कूल की प्रिंसिपल समरीन खान, सिक्योरिटी गार्ड अमर सिंह वर्मा और ड्राइवर शिबू जाफरी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जांच के दौरान बच्चों ने स्कूल स्टाफ के खिलाफ और भी गंभीर आरोप लगाए। बच्चों का कहना है कि अगर वे कोई गलती करते थे तो उन्हें न सिर्फ पीटा जाता था और अपमानित किया जाता था। उनके ऊपर तेल भी डाला जाता था। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल ड्राइवर उनसे पत्थर उठवाता था और उनके प्रोजेक्ट के नंबर काटने की धमकी देता था।





















