मध्य प्रदेश में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल को लेकर सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav शनिवार को प्रदेशव्यापी स्वच्छ जल अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह अभियान शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एक साथ शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जल गुणवत्ता सुधारकर जल-जनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाना है।
मुख्यमंत्री निवास से होगा अभियान का शुभारंभ
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार शाम 5 बजे मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से स्वच्छ जल अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे। अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रदेश के महापौर, नगरपालिका निगम, नगरपालिका परिषद, नगर पंचायतों के अध्यक्ष, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।
अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। इससे अभियान को एक साथ पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकेगा।
क्या है ‘स्वच्छ जल अभियान’ का मुख्य उद्देश्य
सरकार के अनुसार, इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य शहरी और ग्रामीण सभी क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता का व्यापक परीक्षण करना है। इसके तहत पानी के सैंपल लेकर जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नागरिकों तक पहुंचने वाला पानी सुरक्षित मानकों पर खरा उतरता हो।
अभियान के दौरान जल आपूर्ति प्रणाली में लीकेज, पाइपलाइन की खराबी और दूषित जल के संभावित स्रोतों की पहचान की जाएगी। समय रहते इन खामियों को दूर कर जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा, ताकि आम लोगों को किसी तरह का स्वास्थ्य जोखिम न उठाना पड़े।
अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए शहरी निकायों, पंचायतों और संबंधित विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। नियमित जांच, रिपोर्टिंग के जरिए अभियान को जमीन पर प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।




















