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भावांतर योजना: एमपी के किसान अब नहीं झेलेंगे घाटा, रजिस्ट्रेशन प्रोसेस और जरूरी कागजात की पूरी लिस्ट यहां देखें

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मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए भावांतर योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत किसानों को फसल पर यदि मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम मिलता है तो सरकार अंतर की भरपाई करेगी। योजना का उद्देश्य है कि किसी भी किसान को घाटा न झेलना पड़े और उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।

सीएम मोहन यादव ने घोषणा की थी कि किसानों की आय सुरक्षित करने के लिए भावांतर योजना को तुरंत लागू किया जाएगा। इसी के तहत अब 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले यह अवधि 10 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तय की गई थी, लेकिन अब इसे घटाकर जल्द शुरू किया गया है ताकि किसान जल्दी लाभ उठा सकें।

योजना का लाभ कैसे मिलेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोयाबीन के लिए MSP ₹5328 प्रति क्विंटल घोषित किया है। यदि मंडी में किसान को इससे कम दाम मिलता है तो दो स्थितियों में फायदा दिया जाएगा।

  1. अगर मंडी रेट MSP से कम लेकिन राज्य सरकार द्वारा घोषित मॉडल रेट से ज्यादा है, तो MSP और मंडी रेट का अंतर मिलेगा।
  2. अगर मंडी रेट मॉडल रेट से भी कम है, तो MSP और मॉडल रेट का अंतर किसानों को दिया जाएगा।

भावांतर योजना रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

भावांतर योजना में किसान पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से कर सकते हैं। इसके लिए एमपी ऑनलाइन केंद्र, कियोस्क सेंटर, ग्राम सोसायटी और मंडियों में हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। किसान सीधे वेबसाइट http://mpeuparjan.nic.in पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन पंजीकरण करते समय किसान को सबसे पहले फसल सत्र (खरीफ/रबी) और वर्ष का चयन करना होगा। इसके बाद किसान पंजीयन फार्म में समग्र आईडी, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट का विवरण भरना होगा। किसान को अपनी कृषि भूमि की जानकारी जैसे खसरा नंबर और अन्य राजस्व रिकॉर्ड भी दर्ज करने होंगे। आवेदन के दौरान मांगे गए दस्तावेज़ों को स्कैन कर अपलोड करना जरूरी है। सभी जानकारी सही भरने के बाद फॉर्म सबमिट करने पर रजिस्ट्रेशन नंबर या रसीद मिल जाएगी।

भावांतर योजना के लिए जरूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • समग्र आईडी (Samagra ID)
  • बैंक पासबुक की कॉपी या कैंसिल चेक
  • कृषि भूमि के राजस्व रिकॉर्ड (खसरा/जमाबंदी)
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर
  • खेती से जुड़े अन्य कागजात (यदि मांगे जाएं)

किसानों को क्या ध्यान रखना होगा?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी जानकारी पूरी तरह सही होनी चाहिए, वरना आवेदन खारिज हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फॉर्म भरने के बाद उसे एक बार अच्छे से जांच लें और पंजीकरण संख्या संभालकर रखें। जिन किसानों को रजिस्ट्रेशन में दिक्कत हो, वे नजदीकी MP ऑनलाइन केंद्र या मंडी हेल्प डेस्क पर जाकर जानकारी ले सकते हैं।

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