बिहार विधानसभा चुनाव के बीच मोकामा में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड ने चुनावी माहौल को गर्म कर दिया है। पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने साफ किया कि इस मामले में मौजूद हर व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जेडीयू प्रत्याशी और बाहुबली नेता अनंत सिंह की गिरफ्तारी इसी आधार पर की गई है और आगे जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी की गिरफ्तारी भी तय है।
मोकामा में गुरुवार को दुलारचंद यादव की हत्या के बाद अलग-अलग पक्षों की ओर से चार एफआईआर दर्ज की गईं। जांच में सामने आया कि घटना के समय मौके पर दोनों प्रत्याशियों के समर्थक मौजूद थे और वहाँ हिंसक झड़प हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हुआ कि दुलारचंद के शरीर के ऊपर भारी चीज गुजरने से मौत हुई है। आशंका जताई जा रही है कि उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाई गई थी। हालांकि यह दुर्घटना थी या जानबूझकर हत्या की गई, इसका खुलासा जांच से होगा।
डीजीपी ने बताया कि अब तक इस मामले में 80 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सीआईडी व जिला पुलिस मिलकर आगे की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दंगा जैसी स्थिति होने पर घटना स्थल पर मौजूद सभी व्यक्तियों की सामूहिक जिम्मेदारी होती है। इसी के आधार पर गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
घटना के बाद शनिवार देर रात जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया। अब जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी की भूमिका को लेकर भी जांच तेज है। राजनीतिक माहौल में यह मामला अब एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही इस घटना को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और चुनावी रैलियों में इसका जिक्र लगातार बढ़ रहा है।
दुलारचंद यादव मोकामा और बाढ़ इलाके में प्रभाव वाला नाम माना जाता था। वे लंबे समय तक आरजेडी के साथ जुड़े रहे लेकिन इस चुनाव में उन्होंने जन सुराज को समर्थन दिया था। उनकी हत्या ने चुनावी समीकरण और सामाजिक तनाव दोनों को प्रभावित किया है और आगे इसका असर मतदान पर भी पड़ सकता है।





















