Modi 2047 Vision: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर गुजरात के वडनगर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित और अग्रणी राष्ट्र बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के कार्यक्रम में शाह ने मोदी के सार्वजनिक जीवन और देश की दिशा में आए बदलावों का जिक्र किया।
शाह ने प्रधानमंत्री के जीवन को ‘भारत प्रथम’ की भावना से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने देशसेवा, नागरिकों के कल्याण और वैश्विक स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ाने के लिए काम किया है।
कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल मौजूद थे। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में वडनगर से वाराणसी के लिए बाइक यात्रा रवाना की गई।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
शाह ने 2014 से पहले के दौर को निराशा, भ्रष्टाचार के आरोपों और आंतरिक तथा बाहरी सुरक्षा को लेकर चिंता से भरा बताया। उनके मुताबिक, 2014 के बाद मोदी के नेतृत्व में देश ने नई दिशा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना शुरू किया।
उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित और अग्रणी राष्ट्र बनाने का लक्ष्य नागरिकों के साझा संकल्प के रूप में सामने है। शाह ने यह भी कहा कि लोगों को इस लक्ष्य से जोड़ना और उनमें भरोसा जगाना मोदी के नेतृत्व की अहम भूमिका रही है।
शाह ने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों का उल्लेख करते हुए उनके कामकाज की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी की छवि पर भ्रष्टाचार का दाग नहीं है और उनके राजनीतिक जीवन की तुलना कमल से की।
मोदी के जन्मदिन पर पुस्तक का विमोचन
मोदी के जन्मदिन पर लेखक और वरिष्ठ पत्रकार मुरली मनोहर श्रीवास्तव की पुस्तक ‘मोदी युग का भारत’ का विमोचन हुआ। पुस्तक में मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के विकास कार्यों और नीतिगत फैसलों के साथ 2047 के भारत की परिकल्पना पर चर्चा की गई है।
पुस्तक के विवरण के मुताबिक, इसमें विनिर्माण और आत्मनिर्भरता, डिजिटल तकनीक, बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तीकरण, अर्थव्यवस्था और विदेश नीति जैसे विषय शामिल हैं। लेखक ने योजनाओं की सूची देने के बजाय उनके प्रभाव और आम नागरिकों, गांवों, युवाओं तथा महिलाओं पर पड़ने वाले असर को समझने की कोशिश की है।
पुस्तक का एक हिस्सा आज के नीतिगत फैसलों को आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर 2047 में भारत की संभावित स्थिति से जोड़ता है। इसमें विकसित राष्ट्र बनने की दिशा को तकनीक, उत्पादन क्षमता, आर्थिक विकास और वैश्विक भूमिका जैसे क्षेत्रों में जारी प्रयासों के संदर्भ में देखा गया है।
श्रीवास्तव इससे पहले इतिहास, राजनीति और संस्कृति से जुड़े विषयों पर लिख चुके हैं। उनकी पुस्तकों में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां और वीर कुंवर सिंह पर रचनाएं शामिल हैं। ‘मोदी युग का भारत’ में उन्होंने समकालीन विकास यात्रा और भविष्य की दिशा पर ध्यान दिया है।

















