प्रदेश की लोकसंस्कृति और लोकसंगीत को एक सशक्त मंच देने के उद्देश्य से मातरम् इंडिया द्वारा इंदौर में एक भव्य लोकगायन समागम का आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक आयोजन 17 और 18 दिसंबर 2025 को इंदौर में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए प्रसिद्ध और उभरते लोकगायक अपनी प्रस्तुति देंगे।
मातरम् इंडिया इंदौर से प्रकाशित होने वाला एक प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र है जो लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाता रहा है। इसी कड़ी में यह आयोजन प्रदेश की समृद्ध लोकपरंपरा को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
लोकगीत और पारंपरिक गायन शैली की होगी प्रस्तुति
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, बघेलखंड और चंबल जैसे विभिन्न अंचलों की लोकधुनें, लोकगीत और पारंपरिक गायन शैलियां सुनने को मिलेंगी। हर अंचल की अपनी अलग पहचान, बोली और संगीत शैली होती है, जिसे एक ही मंच पर प्रस्तुत करना इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता है। लोकगायक अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की लोककथाओं, वीरगाथाओं, सामाजिक सरोकारों और जनजीवन की भावनाओं को स्वर देंगे।
आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोककलाकारों को सम्मान, पहचान और प्रोत्साहन देना भी है। आज के डिजिटल और आधुनिक संगीत के दौर में लोकसंगीत कहीं न कहीं हाशिये पर जाता दिख रहा है। ऐसे में मातरम् इंडिया का यह प्रयास लोकसंस्कृति को जीवित रखने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
इंदौर जैसे सांस्कृतिक रूप से जागरूक शहर में इस प्रकार का आयोजन लोकसंगीत प्रेमियों के लिए एक सुनहरा अवसर होगा। यह समागम न केवल कलाकारों और दर्शकों को जोड़ने का काम करेगा, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और विविधता को भी मजबूती प्रदान करेगा।

















