महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का बुधवार को विमान हादसे में निधन हो गया। इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा बारामती के पास लैंडिंग के दौरान हुआ। विमान में अजित पवार के साथ उनके एक पीएसओ, एक सहायक और दो क्रू मेंबर मौजूद थे। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका।
जानकारी के मुताबिक, अजित पवार जिला परिषद चुनाव से जुड़ी एक रैली में शामिल होने के लिए बारामती जा रहे थे। वह मंगलवार शाम मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ कैबिनेट कमेटी की बैठक में भी शामिल हुए थे। इसके बाद उनकी यात्रा तय हुई थी। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
विमान कंपनी VSR एविएशन ने शुरुआती बयान में कहा है कि एयरक्राफ्ट में कोई तकनीकी खामी नहीं थी। कंपनी के अनुसार हादसे की एक वजह दृश्यता कम होना हो सकती है। बताया गया है कि पायलट अनुभवी थे, फिर भी मौसम और विजिबिलिटी से जुड़ी परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं।
अजित पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में एक मजबूत और प्रभावशाली नेता माना जाता था। उन्हें प्यार से अजित दादा कहा जाता था। वह चार मुख्यमंत्रियों के साथ काम कर चुके थे और छह बार डिप्टी सीएम बने। कहा जाता है कि वह कभी सत्ता से बाहर नहीं रहे।
उनके निधन से राज्य की राजनीति में बड़ा शून्य पैदा हो गया है। यह शरद पवार परिवार के लिए भी एक गहरा आघात है। हाल के दिनों में अजित पवार परिवार में एकता के प्रयास कर रहे थे और मुख्यमंत्री बनने की इच्छा भी खुलकर जाहिर करते रहे थे।
गृहमंत्री अमित शाह ने जताया दुख
अजित पवार के निधन पर देशभर से शोक संदेश आ रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह NDA परिवार के लिए और उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने कहा कि अजित पवार ने साढ़े तीन दशकों तक महाराष्ट्र की जनता के कल्याण के लिए काम किया और उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

















