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Monday, March 2, 2026
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राष्ट्रपति ने जनजातीय विकास में मध्यप्रदेश के अनुकरणीय कार्यों को किया सम्मानित, आदि कर्मयोगी अभियान में शीर्ष 5 राज्यों में मिली जगह

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विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित आदि कर्मयोगी राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्यप्रदेश को जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया। प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित नवाचारी योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति के साथ राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त किया।

जनजातीय सशक्तिकरण में अग्रणी भूमिका

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित आदि कर्मयोगी अभियान में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पांच राज्यों में अपना स्थान बनाया है। यह कार्यक्रम जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को तेज करने और ग्रामीण स्तर पर नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर केंद्रित है।

प्रमुख सचिव बामरा के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में 1.41 लाख आदि सहयोगी और 1.92 लाख आदि साथी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, 1,210 गैर-सरकारी संगठन इस मिशन में अपना योगदान दे रहे हैं, जिसका लक्ष्य तीन लाख परिवर्तन नेता तैयार करना है।

सेवा केंद्रों का विस्तृत नेटवर्क

जनजातीय हितग्राहियों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 13,000 से अधिक आदि सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आधार कार्ड, जनधन खाता, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और राशन कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की 100% पहुंच सुनिश्चित की गई है।

जनजातीय बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए, प्रदेश में 2,913 शिक्षण संस्थानों का संचालन हो रहा है। इनमें माता शबरी आवासीय बालिका परिसर, एकलव्य मॉडल स्कूल और आश्रम स्कूल शामिल हैं, जहां 2.30 लाख छात्रों की आवासीय व्यवस्था उपलब्ध है।

स्वास्थ्य सेवाओं में प्रगति

स्वास्थ्य सुधार की दिशा में इस वर्ष जून से सितंबर तक मात्र तीन माह में 81,000 से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। मातृत्व सुरक्षा और नौ हजार से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों में टेली-मेडिसिन सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बैतूल जिले को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ। सहायक अनुसंधान अधिकारी सारिका धौलपुरिया को मास्टर ट्रेनर श्रेणी में व्यक्तिगत पुरस्कार मिला। धार, पूर्वी निमाड़ और बड़वानी जिलों के योगदान की भी विशेष प्रशंसा की गई।

बड़वानी, बैतूल और शिवपुरी की एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसियों को उनकी उल्लेखनीय गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। धरती आबा जनभागीदारी अभियान में गुना, बुरहानपुर और विदिशा का उत्कृष्ट कार्य भी पुरस्कृत हुआ।

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