जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने इस बार तीन सीटों पर कब्जा जमाकर अपनी मजबूती साबित की है, जबकि चौथी सीट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में गई।
नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि चौधरी मोहम्मद रमजान को पहली सीट पर और सज्जाद अहमद किचलू को दूसरी सीट पर विजेता घोषित किया गया है। चौधरी रमजान को कुल 58 वोट मिले। वहीं पार्टी के कोषाध्यक्ष जी एस ओबेरॉय, जिन्हें शम्मी ओबेरॉय के नाम से भी जाना जाता है, ने तीसरी सीट पर जीत दर्ज की।
बीजेपी की ओर से सत शर्मा ने चौथी सीट अपने नाम की। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के इमरान नबी डार को हराया। बीजेपी प्रवक्ता के अनुसार, सत शर्मा को कुल 32 वोट मिले। शर्मा इस समय जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष हैं और संगठन में काफी प्रभावशाली माने जाते हैं।
पहली सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी मोहम्मद रमजान का मुकाबला बीजेपी के अली मोहम्मद मीर से था, जबकि दूसरी सीट पर सज्जाद किचलू ने बीजेपी उम्मीदवार राकेश महाजन को मात दी। तीसरी सीट पर भी एनसी ने आराम से जीत दर्ज की।
इस चुनाव में कांग्रेस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन दिया था। पीडीपी के सांसद वहीद पर्रा ने कहा कि पार्टी ने “जम्मू-कश्मीर के व्यापक हितों” को देखते हुए एनसी को समर्थन देने का निर्णय लिया।
हालांकि, इस चुनाव के दौरान कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच मनमुटाव की खबरें भी आईं। कांग्रेस ने चार में से एक “सुरक्षित सीट” की मांग की थी, लेकिन एनसी ने केवल चौथी सीट ऑफर की, जिसे कांग्रेस ने ठुकरा दिया। बावजूद इसके, दोनों दलों के बीच समझौता चुनाव से पहले हो गया और पीडीपी के समर्थन के साथ एनसी को निर्णायक जीत मिली।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस नतीजे से जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस की पकड़ और मजबूत हुई है। वहीं बीजेपी के लिए यह नतीजा मिश्रित रहा — पार्टी को केवल एक सीट पर जीत मिली, लेकिन उसने कड़ी टक्कर देकर यह संदेश जरूर दिया कि वह प्रदेश की राजनीति से बाहर नहीं हुई है।



















