मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील में गुरुवार रात एक छोटा सा विवाद देखते ही देखते बड़ी हिंसा में बदल गया। दुर्गा मंदिर में आरती और पास की मस्जिद में अजान एक ही वक्त पर चल रही थी तभी लाउडस्पीकर तेज बजाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई जो जल्द ही मारपीट और पथराव में तब्दील हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मस्जिद परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की वजह से वहां पड़े पत्थरों का इस्तेमाल पथराव में किया गया।
हिंसा के बाद पुलिस को स्थिति काबू में लाने के लिए आंसू गैस और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। अब तक 49 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पूरे इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं। खबर मिलते ही डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय मौके पर पहुंचे। सिहोरा, खितौला, गोसलपुर और पनागर समेत 12 से अधिक थानों का पुलिस बल तैनात कर दिया गया और पूरे इलाके में फ्लैग मार्च निकाला गया।
शुक्रवार दोपहर हिंदू संगठनों ने इस पथराव और मंदिर में हुई तोड़फोड़ के विरोध में सिहोरा थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के सामने मांग रखी कि 24 घंटे के अंदर मंदिर के सामने स्थित मस्जिद को तोड़ा जाए और वहां नमाज अदा करने पर रोक लगाई जाए। इस दौरान कई लोग सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे जबकि बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ ठेले भी पलटे गए।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद की असली जड़ लाउडस्पीकर की तेज आवाज थी जो आरती और अजान के एक साथ होने के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव की वजह बनी। प्रशासन का कहना है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है लेकिन हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जा रही है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए लगातार गश्त जारी है।
जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित इस तहसील में फिलहाल माहौल संवेदनशील बना हुआ है। प्रशासन दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
















