Itla Authority: केंद्रीय कैबिनेट ने परिवहन और लॉजिस्टिक्स की एकीकृत योजना के लिए ITLA Authority के गठन और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड बनाने को मंजूरी दी है। मंगलवार, 6 अक्टूबर को हुई बैठक के फैसलों की जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी।
नई अथॉरिटी परिवहन के अलग-अलग साधनों की साझा योजना, शोध और निगरानी करेगी। MSME फंड का मकसद छोटे और मध्यम कारोबारों को विस्तार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए पूंजी उपलब्ध कराना है।
बैठक में मंत्रिमंडल ने नरेंद्र मोदी के संवैधानिक पद पर 25 साल पूरे होने पर बधाई प्रस्ताव भी पारित किया। मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और मई 2014 से प्रधानमंत्री हैं।
ITLA Authority करेगी परिवहन और लॉजिस्टिक्स की योजना
वैष्णव के मुताबिक, देश की GDP में वृद्धि के साथ लॉजिस्टिक्स की मांग भी बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि GDP की वृद्धि दर 7 से 8 प्रतिशत के बीच है, जबकि लॉजिस्टिक्स की मांग करीब 10 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। बढ़ती जरूरतों के मद्देनजर सरकार एक साझा संस्थागत व्यवस्था बना रही है।
ITLA को परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े नियोजन, शोध, परियोजनाओं के आकलन और निगरानी, नीति सहयोग तथा डेटा विश्लेषण की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसका दायरा सड़क और रेल के साथ बंदरगाह, नागरिक उड्डयन, तटीय शिपिंग और शहरी परिवहन तक होगा। मकसद इन क्षेत्रों की जरूरतों का समन्वित आकलन करना है।
मंत्री ने बताया कि अथॉरिटी पीएम गतिशक्ति पोर्टल के आधार पर काम करेगी और 10 से 30 साल की अवधि की जरूरतों का अध्ययन करेगी। इसमें भविष्य में रेल नेटवर्क, राजमार्गों, हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों और अंतर्देशीय जलमार्गों की जरूरत का आकलन शामिल होगा। कैबिनेट के फैसले के विवरण में अथॉरिटी की संरचना और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा नहीं बताई गई।
MSME के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड
कैबिनेट ने MSME क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष ग्रोथ फंड बनाने की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को कारोबार बढ़ाने और उत्पादन क्षमता में इजाफा करने के लिए पूंजी देना है। फंड के संचालन, पात्रता और राशि बांटने की प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा साझा नहीं किया गया। इस पूंजी से कारोबारों को नई तकनीक अपनाने और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

















