मध्य प्रदेश के इंदौर में 10 फरवरी को पीयूष धामनोतिया ने अपनी प्रेमिका और एमबीए छात्रा की जिस बेरहमी से हत्या की उसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। आरोपी ने नशे में धुत होकर और तथाकथित पावर वाली गोलियां खाने के बाद शक के दम पर पहले जिंदा प्रेमिका के साथ दुराचार किया और फिर चाकू से कई वार करके उसकी हत्या कर दी। इतने पर भी उसकी हैवानियत नहीं रुकी और उसने मौत के बाद भी पीड़िता के शव के साथ दुराचार किया।
13 फरवरी को जब द्वारकापुरी के अंकल वाली गली स्थित उस कमरे से सड़न की बदबू आने की सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा खोलते ही जो नजारा सामने था वह देखकर मौके पर मौजूद हर व्यक्ति स्तब्ध रह गया। पीड़िता का नग्न शव उलटी अवस्था में पड़ा था और शरीर पर हैवानियत के इतने निशान थे कि 8 साल के अनुभव वाली महिला एसआई सोनाली सिंह भी रो पड़ीं। उन्होंने बताया कि इतने साल के करियर में उन्होंने कभी इतना भयावह दृश्य नहीं देखा था।
एसआई सोनाली सिंह ने बताया कि शव को देखते ही लग रहा था कि हत्या दो से तीन दिन पहले की गई होगी। चूंकि पीड़िता एक महिला थी इसलिए प्रारंभिक प्रक्रियाएं उन्होंने खुद पूरी कीं। जब आरोपी पीयूष से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसने पहले एक चाकू से वार किए और जब वह मुड़ गया तो दूसरे चाकू से वार किए। कितने वार किए गए इसकी पूरी जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से सामने आएगी क्योंकि शव काफी हद तक सड़ चुका था।
पूछताछ के दौरान आरोपी की बातें सुनते हुए भी एसआई सोनाली की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा कि वह भी एक महिला हैं और एक इंसान हैं और जब किसी के साथ ऐसा होता है तो बुरा लगना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि यह सोचकर मन विचलित हो जाता है कि इस दुनिया में अभी भी ऐसे लोग हैं जो किसी के साथ इस तरह की हरकत कर सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से लड़कियों को सावधान रहने की सलाह दी।
यह पूरा मामला महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने आरोपी पीयूष को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। इस घटना ने इंदौर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर पैदा की है और लोग दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।




















