मध्य प्रदेश के Indore शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में डायरिया के प्रकोप ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। बीते तीन दिनों में चार लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में तीन महिलाएं शामिल हैं। लगातार हो रही मौतों के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग हालात की गंभीरता से इनकार कर रहा है।
चार मौतों से फैली दहशत
मंगलवार को भागीरथपुरा निवासी 80 वर्षीय नंदलाल पाल और उमा कोरी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले रविवार को उर्मिला यादव और सीमा प्रजापति की जान जा चुकी थी। परिजनों के अनुसार, सभी को उल्टी-दस्त की शिकायत थी और हालत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले पांच दिनों से क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। अब तक 35 से अधिक मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया जा चुका है। चिकित्सकों का कहना है कि पतले दस्त और उल्टी के कारण मरीजों में अत्यधिक कमजोरी देखी जा रही है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने की कार्रवाई
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए MGM Medical College के डीन अरविंद घनघोरिया मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त मेडिकल दल तैनात कर दिया है और गलियों में घर-घर जाकर जांच की जा रही है। संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर इलाज शुरू किया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से नलों में गंदा पानी आ रहा था और शिकायत के बावजूद समय रहते सुधार नहीं किया गया। नर्मदा विभाग का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पानी दूषित नहीं पाया गया, लेकिन एहतियातन सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। फिलहाल बस्ती में टैंकरों के जरिए स्वच्छ पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।

















