रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत के दौरे पर गुरुवार को नई दिल्ली पहुंचे। दूसरे दिन उनका राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच हाई लेवल वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने बातचीत के बाद संयुक्त बयान जारी किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत रूस की दोस्ती हमेशा स्थिर रही है और आज भी उतनी ही मजबूत है।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और रूस ने 2030 तक आर्थिक सहयोग के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर ली है। दोनों देशों ने व्यापार निवेश और साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने का लक्ष्य रखा है। प्रवासन और आसान आवाजाही को लेकर भी महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। सरकार को उम्मीद है कि इससे लोगों के आपसी संपर्क में तेजी आएगी।
बंदरगाह और पोत परिवहन पर एमओयू साइन
बैठक में बंदरगाह और पोत परिवहन से जुड़े एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए। स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में भी नए समझौते हुए जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में चाहे कितने भी बदलाव आए हों भारत और रूस का भरोसा कभी कम नहीं हुआ। यही भरोसा दोनों देशों की साझेदारी को स्थिर बनाए रखता है।
भारत और रूस अब यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ एफटीए को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक सहयोग हमारी प्राथमिकता है और इसी के लिए 2030 तक का एक विस्तृत आर्थिक कार्यक्रम तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम भविष्य में व्यापारिक गतिविधियों को नया आकार देगा।
30 दिन का निशुल्क वीजा
पीएम मोदी ने रूस के नागरिकों के लिए 30 दिन का नि:शुल्क ई टूरिस्ट वीजा देने का भी ऐलान किया। इससे पर्यटन और सांस्कृतिक आदान प्रदान को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही और सरल होगी। पुतिन का यह दौरा कई बड़े फैसलों और मजबूत सहयोग की नई शुरुआत माना जा रहा है।

















