इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने मध्य-पूर्व में जारी घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को तत्काल रोकने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और मूल मुद्दों को सुलझाने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। साथ ही सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किए जाने की बात भी कही गई।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल
विदेश मंत्रालय के बयान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी अहम जानकारी दी गई। कहा गया कि तनाव के क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावास और मिशन वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के लगातार संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने की सलाह जारी की गई है। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे दूतावास से संपर्क में रहें और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
इस बीच युद्ध की स्थिति और भी भयावह होती जा रही है। ईरान ने इजरायल और मध्य-पूर्व में अमेरिका के ठिकानों पर पलटवार करते हुए दो बार करीब 400 से अधिक मिसाइलें दागी हैं। इजरायल में अफरातफरी का माहौल है, ऐसी खबरें आ रही है। प्रशासन ने सभी नागरिकों को तुरंत शेल्टर में जाने का आदेश दे दिया है। इजरायली सेना का दावा है कि उसने ईरान के करीब 100 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
गर्ल्स स्कूल पर हमले के बाद ईरान ने दी चेतावनी
ईरान में स्थिति और भी दर्दनाक तब हो गई जब मीनाब शहर के एक प्राइमरी गर्ल्स स्कूल पर हमले में 53 बच्चियों की जान चली गई। हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि इस हमले को बिना जवाब नहीं छोड़ा जाएगा। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अभी तक केवल पुरानी मिसाइलें इस्तेमाल की गई हैं और जल्द ही खतरनाक हथियार सामने आएंगे जिससे यह युद्ध और भयंकर रूप ले सकता है।
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका वह मदद लेकर आया है जिसका ईरानवासियों को कई वर्षों से इंतजार था। उन्होंने इस हमले का मकसद ईरान में सत्ता परिवर्तन और उसे परमाणु हथियार बनाने से रोकना बताया।


















