उत्तर प्रदेश की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने का ऐलान किया है। मंगलवार सुबह सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में ही रहेंगी और राजनीति के जरिए आम लोगों की आवाज उठाएंगी। उन्होंने किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की।
मित्तल ने कहा कि उनका मकसद किसी नेता की जगह लेना नहीं, बल्कि राजनीति के काम करने का तरीका बदलना है। वह उन लोगों के मुद्दे उठाना चाहती हैं जिनकी बात सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंचती या पहुंचने पर सुनी नहीं जाती।
किसी दल के बजाय आम लोगों के साथ राजनीति
वीडियो में मित्तल ने कहा कि वह ऐसी राजनीति करना चाहती हैं जिसमें इरादे, न्याय और लोगों की चिंता को महत्व मिले। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति किसी झंडे के नीचे नहीं, बल्कि आम लोगों के साथ होगी। अपने संदेश में उन्होंने आजादी के बाद के वर्षों का हिसाब मांगने की बात भी कही।
उन्होंने यह नहीं बताया कि आगे किस रूप में राजनीति करेंगी। मित्तल ने किसी दल का नाम लेने, चुनाव लड़ने या किसी पद को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश छोड़ने की उनकी योजना नहीं है।
राहुल गांधी से मुलाकात के दावे को बताया गलत
वीडियो में मित्तल ने राहुल गांधी से मुलाकात के दावे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने उनके राहुल गांधी से मिलने की बात लिखी थी, जबकि ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई। मित्तल ने आरोप लगाया कि यह दावा उन्हें डराने के मकसद से किया गया।
उन्होंने कहा कि उन पर सवाल उठाने वालों ने राजनीति में आने पर पुराने भ्रष्टाचार के मामले खुलने की बात कही थी। मित्तल ने इन टिप्पणियों को दबाव बनाने की कोशिश बताया और कहा कि वह डरेंगी नहीं और सवाल पूछती रहेंगी।
मित्तल के IAS सेवा से इस्तीफे के बाद उनके राजनीति में आने की अटकलें लगाई जा रही थीं। वह संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया जिलों में जिलाधिकारी रह चुकी हैं। कुछ महीने पहले उन्हें देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व परिषद में सचिव बनाया गया था।

















