Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत सरकार ने बांग्लादेश को दी जाने वाली विदेशी विकास सहायता को आधा कर दिया है। पहले जहां बांग्लादेश को 120 करोड़ रुपये की सहायता मिलती थी, अब उसे घटाकर 60 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसक घटनाओं की लगातार खबरें सामने आ रही हैं।
सरकार का यह कदम भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव परिणाम है। भारत पहले भी पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जाहिर कर चुका है। बजट में की गई यह कटौती एक स्पष्ट संकेत मानी जा रही है कि भारत इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है।
अन्य पड़ोसी देशों की बात करें तो भूटान को इस बार 2,288.55 करोड़ रुपये की सहायता प्रस्तावित की गई है, जो पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है। वहीं मालदीव को 550 करोड़ रुपये और म्यांमार को 300 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी, हालांकि इन दोनों देशों के लिए भी बजट में कुछ कटौती की गई है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई इस तल्खी की एक बड़ी वजह 2024 में शेख हसीना सरकार का पतन माना जा रहा है। इसके बाद से दोनों देशों के रिश्तों में ठंडापन देखने को मिला है और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताएं और बढ़ी हैं।
इसके साथ ही बजट 2026-27 में भारत ने अपने टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने के लिए बड़े ऐलान किए हैं। मेगा टेक्सटाइल पार्क, पीएलआई योजना और एमएसएमई के लिए हजारों करोड़ रुपये के पैकेज से भारतीय कपड़ा उद्योग को वैश्विक बाजार में मजबूती मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बांग्लादेश के टेक्सटाइल कारोबार पर भी असर पड़ सकता है।

















