बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों के बीच भारत में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) इसी तरह के उत्पीड़न का शिकार अल्पसंख्यकों को राहत देने के लिए लाया गया था, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया। हाल के दिनों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के तीन लोगों की हत्या की खबरों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।
BJP का कांग्रेस पर सीधा आरोप
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने कहा कि बांग्लादेश में जिस तरह हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है, उस पर भारत सरकार ने स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि CAA का विरोध करने वालों को आज माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि यह कानून अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को शरण देने के लिए लाया गया था।
‘कांग्रेस ईकोसिस्टम’ पर निशाना
पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े नेताओं ने बांग्लादेश में हो रही हिंसा को सही ठहराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने इसे भारत में हुई घटनाओं की प्रतिक्रिया बताया और इसे “एक्शन का रिएक्शन” कहकर पीड़ितों को ही कटघरे में खड़ा किया। BJP प्रवक्ता ने कांग्रेस नेताओं पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया।
बांग्लादेश में हिंदू कारोबारी पर हमला
इस बीच, समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक बांग्लादेश में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शरीयतपुर जिले के डामुड्या इलाके में 50 वर्षीय हिंदू कारोबारी खोकोन चंद्र दास पर अज्ञात हमलावरों ने बेरहमी से हमला किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, दुकान बंद कर घर लौटते समय उन्हें रोका गया, धारदार हथियारों से हमला किया गया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की गई।
जान बचाने के लिए तालाब में कूदे पीड़ित
बताया गया कि गंभीर रूप से घायल दास खुद को बचाने के लिए सड़क किनारे एक तालाब में कूद गए। स्थानीय लोगों के शोर मचाने पर हमलावर मौके से फरार हो गए। हालत बिगड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए ढाका ले जाया गया। इस घटना ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
भारत में फिर तेज हुई CAA बहस
बांग्लादेश में लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं के बीच भारत में CAA को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। BJP इसे मानवीय जरूरत से जुड़ा कानून बता रही है, जबकि विपक्षी दलों पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक कारणों से इसका विरोध किया।


















