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Wednesday, October 21, 2026
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छत्तीसगढ़: बीजापुर में 52 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, 49 पर था 1.41 करोड़ रुपये का इनाम

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 49 पर कुल 1.41 करोड़ रुपये का इनाम था। ‘पूना मारगेम’ पुनर्वास पहल और राज्य सरकार की नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने हिंसा छोड़ने का फैसला किया है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को जिले में कुल 52 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से 49 नक्सलियों पर कुल 1.41 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में 21 महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये नक्सली दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, आंध्र-ओडिशा बॉर्डर डिविजन और भामरागढ़ एरिया कमेटी (महाराष्ट्र) से जुड़े हुए थे और लंबे समय से सक्रिय थे।

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि नक्सलियों ने ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के तहत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने और मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।

पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में डिविजनल कमेटी सदस्य लक्खू कारम उर्फ अनिल (32) और प्लाटून पार्टी कमेटी की सदस्य लक्ष्मी माडवी (28) तथा चिन्नी सोढ़ी उर्फ शांति (28) भी शामिल हैं। इन तीनों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा 13 अन्य नक्सलियों पर पांच-पांच लाख रुपये, 19 कैडर पर दो-दो लाख रुपये और 14 कैडर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। कुल मिलाकर 52 में से 49 नक्सलियों पर 1.41 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार की नीति के तहत उनके पुनर्वास, आजीविका, शिक्षा और सामाजिक पुनःस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें।

बीजापुर की यह घटना राज्य में नक्सल नेटवर्क के लगातार कमजोर पड़ने का संकेत मानी जा रही है। इससे पहले बुधवार को पड़ोसी सुकमा जिले में 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। आठ जनवरी को दंतेवाड़ा जिले में 63 नक्सलियों ने हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण किया था, जबकि सात जनवरी को सुकमा में 26 नक्सली मुख्यधारा में शामिल हुए थे।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 में छत्तीसगढ़ में 1,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लिया है। लगातार हो रहे आत्मसमर्पण को सुरक्षा बलों की रणनीति, विकास योजनाओं और पुनर्वास नीति की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

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