मध्य प्रदेश शासन द्वारा सोयाबीन उत्पादक किसानों के हित में लागू की गई भावांतर योजना का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को कलेक्टर शिवम वर्मा ने व्यापारियों, किसान संघों के पदाधिकारियों और मंडी अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में योजना के सुचारु संचालन, पंजीयन, खरीदी प्रक्रिया, मॉडल रेट और एमएसपी रेट के बीच के भुगतान संबंधी व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसानों को भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने व्यापारियों को भी इस दिशा में सहयोग करने की अपील की। साथ ही उन्होंने बताया कि भावांतर योजना के तहत पंजीयन 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुके हैं और यह प्रक्रिया 17 अक्टूबर तक चलेगी।
विभिन्न समितियों का हुआ गठन
कलेक्टर शिवम वर्मा ने योजना के समुचित क्रियान्वयन और निगरानी के लिए विभिन्न स्तरों पर समितियों का गठन किया है। इन समितियों में कृषि विभाग, मंडी विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल किए गए हैं। ये समितियां किसानों के पंजीयन, भुगतान, गुणवत्ता जांच और प्रक्रिया की निगरानी का कार्य करेंगी।
अपर कलेक्टर बने नोडल अधिकारी
भावांतर योजना के संचालन की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर विजय पंवार नवजीवन को सौंपी गई है। उन्हें योजना का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं कृषि उप संचालक सी.एल. केवड़ा, एम.पी. एग्रो के क्षेत्रीय प्रबंधक जे.के. जैन और मंडी सचिव रामवीर किराड़ को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
कृषि उप संचालक सी.एल. केवड़ा ने जानकारी दी कि शनिवार दोपहर 3 बजे तक इंदौर जिले में 4,366 किसानों ने भावांतर योजना में पंजीयन कराया है।

मंडी स्तर पर समितियां गठित
कलेक्टर वर्मा ने भावांतर योजना के तहत जिले की सभी मंडियों जैसे इंदौर, देपालपुर, महू और सांवेर में समितियों का गठन किया है। इन समितियों में 8 सदस्य शामिल किए गए हैं, जो सोयाबीन की गुणवत्ता परीक्षण (स्कंध गुणवत्ता) और खरीदी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही जिला स्तरीय मंडी समिति भी बनाई गई है जो पूरी प्रक्रिया का समन्वय करेगी।
क्लस्टर और सत्यापन समितियां
भावांतर योजना के सफल संचालन के लिए प्रशासन ने केंद्रवार क्लस्टर नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए हैं। प्रत्येक केंद्र पर 6-6 क्लस्टर नोडल अधिकारी जिम्मेदारी संभालेंगे। इनके साथ प्रत्येक पंजीयन केंद्र पर एक पंजीयन केंद्र प्रभारी भी तैनात रहेगा।
इसके अलावा एक विशेष समिति में एसडीएम और भू-अभिलेख अधीक्षक को शामिल किया गया है, जो किसानों के पंजीयन कार्यों का सत्यापन करेगी ताकि केवल वास्तविक और पात्र किसानों को ही योजना का लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने कहा कि भावांतर योजना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे पूरी पारदर्शिता और निगरानी के साथ लागू किया जाएगा।




















