बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख Begum Khaleda Zia का बुधवार को ढाका में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके जनाजे में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए विदेश मंत्री S. Jaishankar शामिल हुए। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब भारत-बांग्लादेश संबंधों में संवेदनशीलता बनी हुई है।
पीएम मोदी का शोक संदेश सौंपा
विदेश मंत्री जयशंकर ने बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष और खालिदा जिया के पुत्र Tarique Rahman से मुलाकात कर प्रधानमंत्री Narendra Modi का व्यक्तिगत शोक संदेश पत्र सौंपा। भारत सरकार की ओर से संवेदनाएं व्यक्त करते हुए जयशंकर ने खालिदा जिया के लोकतांत्रिक योगदान को रेखांकित किया।
ढाका में राजकीय शोक और जनसैलाब
खालिदा जिया का निधन 30 दिसंबर को ढाका के Evercare Hospital में लंबी बीमारी के बाद हुआ था। वह 80 वर्ष की थीं और लिवर सिरोसिस, डायबिटीज और हृदय रोग सहित कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके निधन पर बांग्लादेश सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया।
मानिक मिया एवेन्यू पर नमाज-ए-जनाजा
बुधवार दोपहर जोहर की नमाज के बाद ढाका के मानिक मिया एवेन्यू और संसद परिसर के साउथ प्लाजा में नमाज-ए-जनाजा अदा की गई। इसमें लाखों लोग शामिल हुए, जिनमें बीएनपी समर्थक, आम नागरिक और विदेशी प्रतिनिधि मौजूद थे। इसके बाद उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ जिया उद्यान में उनके पति और पूर्व राष्ट्रपति Ziaur Rahman की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त Riaz Hamidullah ने जयशंकर और तारिक रहमान की मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि भारत सरकार ने इस अवसर पर लोकतंत्र में खालिदा जिया के योगदान को स्वीकार किया। उन्होंने फरवरी 2026 में प्रस्तावित चुनावों के बाद बांग्लादेश में लोकतांत्रिक बदलाव और भारत-बांग्लादेश संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद भी जताई।




















