असम में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। पुलिस ने दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के निजामुद्दीन ईस्ट स्थित आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई असम पुलिस ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से की, जो मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के लिए पहुंची थी। कुछ रिपोर्ट्स में गिरफ्तारी की संभावना भी जताई गई, हालांकि मौके पर खेड़ा की अनुपस्थिति के कारण तलाशी की कार्रवाई की गई।
आरोपों से शुरू हुआ विवाद
पवन खेड़ा ने हाल ही में रिंकी भुइयां शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और एंटिगुआ एंड बारबुडा जैसे तीन देशों के पासपोर्ट हैं। साथ ही विदेशों में संपत्ति और निवेश से जुड़े आरोप भी लगाए गए।
खेड़ा का कहना था कि उन्हें ये दस्तावेज अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से प्राप्त हुए हैं और कांग्रेस आगे और सबूत पेश करेगी। ये आरोप ऐसे समय पर सामने आए हैं, जब राज्य में चुनावी गतिविधियां चरम पर हैं।
मुख्यमंत्री का जवाब और कड़ा रुख
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए फर्जी और फोटोशॉप्ड बताया है। उन्होंने कहा कि यह सामग्री सोशल मीडिया के संदिग्ध स्रोतों से ली गई है और चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने जांच में पाया है कि कथित दस्तावेजों में कई तकनीकी खामियां हैं, जैसे गलत स्पेलिंग, अमान्य क्यूआर कोड और गलत एक्सपायरी डेट। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इस मामले में आपराधिक और दीवानी मानहानि का मामला दर्ज किया जाएगा।
चुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव
असम में 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है। प्रचार अभियान समाप्ति के ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने सियासी माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है।
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मामले को प्रवर्तन निदेशालय और चुनाव आयोग के समक्ष उठाएगी। वहीं, भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रची गई साजिश है, जिसका उद्देश्य चुनाव से पहले छवि को नुकसान पहुंचाना है।
















