महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी प्रमुख अजित पवार का बुधवार सुबह बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया। वह लियरजेट 45 नामक निजी जेट से यात्रा कर रहे थे, जो लैंडिंग से पहले क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। इस घटना से महाराष्ट्र सहित पूरे देश में शोक की लहर है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह 8 बजकर 46 मिनट पर हुआ। विमान ने सुबह 8 बजकर 18 मिनट पर बारामती एयरपोर्ट से संपर्क किया था। यह दिल्ली स्थित वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का जेट था, जिसे अजित पवार उपयोग कर रहे थे। विमान ने लगभग सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर मुंबई से उड़ान भरी थी। मुंबई और बारामती के बीच करीब 256 किलोमीटर की दूरी है। इस दूरी को आम तौर पर 45 मिनट में तय किया जाता है।
एटीसी से पायलट ने किया था संपर्क
एयर ट्रैफिक कंट्रोल से मिली जानकारी के अनुसार, विमान बारामती एयरपोर्ट से लगभग 56 किलोमीटर दूर था, जब उसे पुणे के लोकल एटीसी के नियंत्रण में सौंपा गया। विमान उड़ा रहीं कैप्टन शंभवी पाठक को स्थानीय मौसम की जानकारी दी गई। पायलट ने हवाओं और दृश्यता के बारे में पूछा था। एटीसी ने बताया कि हवाएं शांत हैं और विजिबिलिटी करीब तीन हजार मीटर है। इसके बाद विमान रनवे 11 के फाइनल अप्रोच पर आया, लेकिन पायलट ने कहा कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है।
इसके बाद पायलट ने गो-अराउंड किया। गो-अराउंड एक मानक सुरक्षा प्रक्रिया है, जिसमें लैंडिंग संभव न होने पर विमान दोबारा ऊंचाई लेकर फिर से उतरने की कोशिश करता है। गो-अराउंड के बाद पायलट ने फिर रनवे 11 के फाइनल अप्रोच की जानकारी दी और कहा कि रनवे दिखते ही कॉल करेंगे। कुछ ही सेकंड बाद उन्होंने रनवे दिखने की सूचना दी। सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर लैंडिंग की अनुमति दी गई। लेकिन इसके बाद विमान से कोई रीडबैक नहीं मिला।
रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर विमान का सिग्नल बंद हो गया। उस समय विमान की गति लगभग 237 किलोमीटर प्रति घंटे थी और वह जमीन से करीब एक किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। इसके तीन मिनट बाद, सुबह 8 बजकर 46 मिनट पर एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर विमान क्रैश हो गया। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में हादसे के बाद धुएं का घना गुबार उठता हुआ दिखाई दिया।
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता विपक्ष राहुल गांधी सहित देशभर के कई नेताओं ने गहरा दुख जताया है। विमान कंपनी के अनुसार, फ्लीट में लियरजेट 45 समेत अन्य विमान शामिल हैं और इसका पिछला रेगुलेटरी ऑडिट फरवरी 2025 में डीजीसीए ने किया था, जिसमें कोई गंभीर खामी नहीं पाई गई थी। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है।

















