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Thursday, October 8, 2026
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Nana Patekar का 75 वर्ष की उम्र में निधन, PM मोदी और फडणवीस समेत कई गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि

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Nana Patekar: अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में गोवा स्थित आवास पर गुरुवार तड़के निधन हो गया। मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर साल्कर ने बताया कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था। उनके निधन पर राजनीतिक नेताओं और फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने शोक जताया।

अंतिम संस्कार पुणे के एक गांव में स्थित उनके फार्महाउस पर किया जाएगा।

Nana Patekar को नेताओं और कलाकारों ने किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई गणमान्य नेताओं और लोगों ने उनके निधन पर श्रद्धांजलि दी। फडणवीस ने सिनेमा और समाज के लिए पाटेकर के योगदान को सराहा। अलग-अलग दलों के नेताओं और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना जताई।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उन्हें बहुमुखी अभिनेता और राष्ट्रवादी बताते हुए कहा कि उनके कई किरदारों में समाज को आईना दिखाने वाली बेबाकी याद आएगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिनय के साथ थिएटर और सामाजिक कामों में उनके योगदान का उल्लेख किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी विविध भूमिकाओं और प्रभावशाली संवाद अदायगी को याद किया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके अभिनय की छाप का जिक्र किया। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने उनके विशिष्ट अंदाज और सामाजिक सरोकारों को याद किया। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी’, ‘परिंदा’ और ‘अग्नि साक्षी’ में उनके काम को उल्लेखनीय बताया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सिनेमा में पाटेकर के बहुआयामी योगदान और किसानों तथा वंचितों के प्रति उनकी संवेदना को याद रखा जाएगा। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी निधन पर दुख जताया। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के संयुक्त बयान में कहा गया कि उनके काम ने लोगों को सामाजिक मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा के लिए प्रेरित किया।

‘परिंदा’ से ‘क्रांतिवीर’ तक यादगार रहा सफर

नाना पाटेकर हिंदी और मराठी फिल्मों में अपनी अलग पहचान के लिए जाने जाते थे। ‘परिंदा’, ‘प्रहार: द फाइनल एक्ट’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ उनकी चर्चित हिंदी फिल्मों में शामिल हैं। उन्होंने तमिल फिल्म ‘बोम्मलाट्टम’ में भी काम किया था और 2018 की फिल्म ‘काला’ में नजर आए थे।

पाटेकर को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, कई फिल्मफेयर पुरस्कार और महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार मिले थे। उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। उनके सहयोगियों ने अभिनय के साथ किसानों और जरूरतमंदों के लिए किए गए कामों को भी याद किया।

अभिनेता-निर्देशक अन्नू कपूर ने फिल्म ‘अभय’ से जुड़ी याद साझा की। कपूर के मुताबिक, पाटेकर ने उनके निर्देशन की पहली फिल्म में काम करने के लिए अपनी सामान्य फीस से बहुत कम रकम ली थी। उन्होंने बताया कि पटकथा पर भरोसा कर पाटेकर ने फिल्म के लिए 21 हजार रुपये स्वीकार किए थे।

अभिनेता चिरंजीवी ने भी पाटेकर के अभिनय और सामाजिक सेवा को याद किया। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए उनकी चिंता और उनके फाउंडेशन के जरिए किया गया काम उनकी मानवीय प्रतिबद्धता दिखाता था। श्रद्धांजलि संदेशों में उनके सिनेमा के साथ समाज से जुड़ाव का भी उल्लेख रहा।

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