चिकिथा तनिपार्थी और साहिल जाधव ने बुधवार, 30 सितंबर को कंपाउंड मिक्स्ड तीरंदाजी का स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने कोरिया के जंगयून पार्क और चोई उन ग्यू को शूट-ऑफ में 158-157 से हराया। इस जीत के साथ भारत को 2028 ओलंपिक के लिए कोटा स्थान भी मिला। यह मौजूदा एशियन गेम्स में तीरंदाजी में भारत का दूसरा स्वर्ण है। इससे पहले भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर अपना खिताब बरकरार रखा था। चिकिथा का यह लगातार दूसरा मिक्स्ड टीम गोल्ड है।
एशियन गेम्स 2026 मेडल टैली में भारत की स्थिति
29 सितंबर की मेडल टैली में भारत छह स्वर्ण, 21 रजत और 25 कांस्य पदकों के साथ दसवें स्थान पर था। इस तालिका के मुताबिक भारत के कुल पदक 52 थे। हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस की 12वें दिन की रिपोर्ट में भारत के छह स्वर्ण, 21 रजत और 26 कांस्य समेत कुल 53 पदक बताए गए। दोनों रिपोर्टों में कांस्य और कुल पदकों की संख्या अलग है।
चिकिथा और साहिल ने 30 सितंबर को स्वर्ण जीता। उपलब्ध मेडल टैली रिपोर्टें इससे पहले की स्थिति बताती हैं, इसलिए इस जीत को शामिल करने वाली भारत की संशोधित कुल पदक संख्या इन आंकड़ों से तय नहीं होती। 29 सितंबर की तालिका में चीन 143 स्वर्ण समेत 254 पदकों के साथ शीर्ष पर था। जापान दूसरे और दक्षिण कोरिया तीसरे स्थान पर थे।
महिला कंपाउंड टीम ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की
मिक्स्ड फाइनल से पहले ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिथा और पृथिका प्रदीप की भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने चीन को 238-234 से हराया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स का खिताब बचाया और दक्षिण कोरिया के नाम दर्ज विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। यह रिकॉर्ड 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में बना था। मुकाबले के पहले दौर में भारतीय टीम ने 60-58 की बढ़त ली और अगले दौर में भी यही अंतर बनाए रखा। अंतिम दौर से पहले भारत 178-176 से आगे था। आखिरी चरण में भारतीय तीरंदाजों ने छह परफेक्ट 10 लगाए, जबकि चीन के दो निशाने नौ पर रहे। चीन ने रजत और दक्षिण कोरिया ने कांस्य पदक जीता।
मिक्स्ड इवेंट के सेमीफाइनल में भारत ने थाईलैंड को 156-155 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। पिछले एशियन गेम्स में भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण पदक जीते थे।
















