केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के सवालों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पूछा कि यदि इस प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी थी, तो कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड लोकसभा उपचुनाव कैसे जीत गईं।
पासवान ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भरोसा न होने की बात करने वाले विपक्षी दलों को यह बताना चाहिए कि केरल और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें कैसे बनीं। उनका तर्क था कि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल सभी चुनावों के संदर्भ में समान रूप से उठने चाहिए।
SIR पर विपक्ष की आपत्तियों को लेकर सवाल
पासवान ने विपक्ष की इस दलील पर सवाल उठाया कि SIR में बड़ी खामियां हैं और चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी जीत और सरकार गठन का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी आपत्तियों को एक ही नजरिये से देखा जाना चाहिए।
उनके मुताबिक, विपक्ष उन जगहों पर चुनाव प्रक्रिया को कठघरे में खड़ा करता है जहां भारतीय जनता पार्टी या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनती है, लेकिन विपक्षी दलों की जीत के बाद वही सवाल नहीं उठाए जाते।
बता दें कि SIR मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव आयोग की प्रक्रिया है। इसे लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। पासवान ने कहा कि आयोग ने विभिन्न आपत्तियों और सवालों पर जवाब दिया है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले तक उन्हें भी चुनाव आयोग को लेकर कुछ चिंताएं थीं, लेकिन आयोग के जवाबों से वे संतुष्ट हैं।
चुनाव आयोग की सफाई पर पासवान की प्रतिक्रिया
पासवान ने चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताया और कहा कि प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने पर आयोग को जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनके अनुसार, आयोग ने अलग-अलग मुद्दों पर बिंदुवार जवाब दिया है।
विपक्ष की आपत्तियों और आयोग की प्रतिक्रिया के बीच पासवान ने कांग्रेस की जीतों का जिक्र कर चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने के तरीके पर निशाना साधा। उन्होंने केरल और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने की बात भी इसी संदर्भ में कही। इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित बैठक के बारे में पूछे जाने पर पासवान ने बैठक के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस विषय पर कोई अतिरिक्त बात नहीं की।

















