मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रॉपर्टी और शराब कारोबार से जुड़े कारोबारी को धमकाकर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच तेज हो गई है। मामले में अब कथित हनीट्रैप नेटवर्क का एंगल भी जुड़ गया है, जिससे पूरे प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने सोमवार को भोपाल के औद्योगिक नगर क्षेत्र से श्वेता जैन नाम की महिला को हिरासत में लिया। पुलिस को शक है कि ब्लैकमेलिंग और कथित हनीट्रैप नेटवर्क से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण कनेक्शन इस महिला के जरिए सामने आ सकते हैं।
महिला के जरिए हुई पहचान
क्राइम ब्रांच के अनुसार बाणगंगा क्षेत्र निवासी कारोबारी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उनकी मुलाकात अलका दीक्षित नाम की महिला से हुई थी। अलका ने उनकी पहचान लाखन चौधरी नामक व्यक्ति से कराई, जिसने खुद को इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में प्रभावशाली कारोबारी बताया।
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने रियल एस्टेट कारोबार में साझेदारी का दबाव बनाया और कहा कि अलका दीक्षित के साथ 50 प्रतिशत हिस्सेदारी का एग्रीमेंट करना होगा। कारोबारी ने प्रस्ताव ठुकरा दिया तो कथित रूप से धमकियां दी जाने लगीं।
सुपर कॉरिडोर पर मारपीट का आरोप
पीड़ित के मुताबिक 28 अप्रैल की रात वह सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में रुके हुए थे, तभी एक कार में सवार होकर अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी और अन्य लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने कारोबारी के साथ मारपीट की और कहा कि यदि साझेदार नहीं बने तो एक करोड़ रुपये देने होंगे।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने परिवार को जान से मारने और निजी फोटो-वीडियो वायरल कर बदनाम करने की धमकी दी। घटना के बाद कारोबारी परिवार दहशत में बताया जा रहा है।
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार हिरासत में ली गई श्वेता जैन का नाम 2019 के चर्चित हनीट्रैप मामले में भी सामने आ चुका है। उस मामले में कई नेताओं, अफसरों और कारोबारियों को कथित वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने के आरोप लगे थे।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा जांच अभी जारी है।

















