फेम इंडिया 2026 की प्रतिष्ठित सूची में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा को शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश से चयनित अधिकारियों में उनका नाम प्रमुखता से सामने आया है। प्रशासनिक कार्यशैली, जनसंपर्क और विकास कार्यों को लेकर शिवम वर्मा लगातार चर्चा में रहे हैं।
फेम इंडिया द्वारा जारी सूची में मध्यप्रदेश से कुल पांच नामों का चयन हुआ है, जिनमें भोपाल से कौशलेंद्र विक्रम सिंह, जबलपुर से राघवेंद्र सिंह, नरसिंहपुर से रजनी सिंह, सतना से सतीश कुमार एस. और इंदौर से शिवम वर्मा शामिल हैं। इनमें शिवम वर्मा को लेकर इंदौर में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
प्रशासनिक कार्यों को मिली पहचान
इंदौर कलेक्टर के रूप में शिवम वर्मा ने शहर में कई प्रशासनिक अभियानों और जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन पर फोकस किया है। शहर की व्यवस्थाओं, विकास कार्यों और आम नागरिकों से संवाद को लेकर उनकी कार्यशैली को सराहा जाता रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के बीच युवा और सक्रिय छवि रखने वाले शिवम वर्मा कई मौकों पर अपने फैसलों और कार्यप्रणाली के कारण सुर्खियों में रहे हैं। फेम इंडिया की सूची में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा का चयन होना इंदौर वासियों के लिए गौरव का क्षण है।
| फेम इंडिया 2026 में मध्यप्रदेश से चयनित नाम | शहर |
|---|---|
| शिवम वर्मा | इंदौर |
| राघवेंद्र सिंह | जबलपुर |
| रजनी सिंह | नरसिंहपुर |
| सतीश कुमार एस. | सतना |
| कौशलेंद्र विक्रम सिंह | भोपाल |
इंदौर में खुशी का माहौल
शिवम वर्मा के चयन की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और शहरवासियों में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें बधाई देने का सिलसिला जारी है।
इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहरों में लगातार अपनी पहचान बनाए हुए है और प्रशासनिक स्तर पर कई नवाचारों को लेकर भी चर्चा में रहता है। ऐसे में कलेक्टर शिवम वर्मा का राष्ट्रीय सूची में शामिल होना शहर के लिए एक और उपलब्धि माना जा रहा है।
फेम इंडिया की चयन प्रक्रिया
फेम इंडिया की चयन प्रक्रिया को प्रशासनिक दक्षता, जनसेवा, नवाचार और नेतृत्व क्षमता जैसे कई महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर तैयार किया जाता है। इसमें देशभर के आईएएस अधिकारियों के कार्यों, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनहित में लिए गए निर्णयों और प्रशासनिक उपलब्धियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है। चयन के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली, पारदर्शिता, संकट प्रबंधन क्षमता और आम जनता के बीच उनकी सकारात्मक छवि को भी विशेष महत्व दिया जाता है।
फेम इंडिया सर्वे में विभिन्न विशेषज्ञों, प्रशासनिक विश्लेषकों और रिसर्च एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम सूची तैयार की जाती है। यह प्रक्रिया केवल लोकप्रियता तक सीमित नहीं होती, बल्कि अधिकारियों के वास्तविक कार्य प्रदर्शन और जमीनी प्रभाव को प्रमुख आधार बनाया जाता है। यही कारण है कि फेम इंडिया सूची में स्थान पाने वाले अधिकारियों को प्रशासनिक क्षेत्र में विशेष सम्मान के रूप में देखा जाता है।

















