8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार ने एक अहम जानकारी साझा की है। मंगलवार 3 फरवरी 2026 को राज्यसभा में सरकार ने स्पष्ट किया कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन हो चुका है और आयोग अपने कामकाज की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
यह जानकारी राज्यसभा सांसद जावेद अली खान द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में दी गई। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को ही 8वें वेतन आयोग के गठन और उसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस को अधिसूचित कर दिया था।
सरकार ने यह भी साफ किया कि 8वां वेतन आयोग अपने गठन की तारीख से 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें पेश करेगा। इसका मतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अभी कुछ समय तक इंतजार करना होगा। आयोग को वेतन भत्तों और पेंशन से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा कर सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
माना जा रहा है कि आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बदलाव देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि इस आयोग से जुड़ी हर अपडेट पर कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर बनी हुई है।
पेंशनभोगियों से भेदभाव पर बड़ा बयान
पेंशन को लेकर पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि पेंशनभोगियों के साथ रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा। सरकार ने कहा कि पेंशन सेंट्रल सिविल सर्विसेज पेंशन रूल्स 2021 और अन्य लागू नियमों के तहत दी जाती है।
वित्त राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि फाइनेंस एक्ट 2025 के जरिए मौजूदा पेंशन नियमों को वैधता दी गई है और इससे सिविल या डिफेंस पेंशन में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। इससे पेंशनर्स को मौजूदा व्यवस्था में स्थिरता का भरोसा मिला है।
इससे पहले जनवरी महीने में सरकार ने यह जानकारी दी थी कि 8वें वेतन आयोग के लिए कार्यालय की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। साथ ही आयोग में स्टाफ की नियुक्ति के लिए नई वैकेंसी भी जारी की गई हैं। इससे संकेत मिलता है कि आयोग धीरे धीरे पूरी तरह सक्रिय हो रहा है।

















