Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की बुधवार को बारामती में हुए विमान हादसे में निधन ने राज्य की राजनीति को झकझोर दिया है। इस हादसे से उनकी पार्टी एनसीपी को बड़ा झटका लगा है। पिछले कुछ वर्षों में आरोपों, विवादों और चुनावी चुनौतियों के बीच अजीत पवार लगातार सक्रिय रहे, लेकिन भीतर ही भीतर वह थकान और मानसिक दबाव महसूस कर रहे थे।
उनकी करीबी सहयोगी और बारामती विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी किरण गूजर ने अजीत पवार के आखिरी दिनों को लेकर भावुक बातें साझा की हैं। किरण के मुताबिक, अजीत पवार ने हाल ही में उनसे कहा था कि अब उन्हें राजनीति से दूर रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि वह बहुत थक चुके हैं और यह सब अब उन्हें नहीं चाहिए। यह बातचीत उनके निधन से कुछ दिन पहले की बताई जा रही है।
किरण गूजर ने बताया कि निधन से पांच दिन पहले उनकी अजीत पवार से मुलाकात हुई थी। उस दिन दोनों साथ बाहर गए, घूमे और डिनर किया। किरण के अनुसार, वही उनके साथ आखिरी खाना था। उस दौरान अजीत पवार ने कहा था कि वह लगातार मेहनत कर रहे हैं। दिन-रात काम कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें आलोचना और राजनीतिक झटकों का सामना करना पड़ रहा है। यह बातें उन्हें भीतर से परेशान कर रही थीं।
विधानसभा चुनाव लड़ने का नहीं था मन
किरण ने यह भी बताया कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद अजीत पवार विधानसभा चुनाव लड़ने के मूड में नहीं थे। वह पीछे हटना चाहते थे, लेकिन उन्हें चुनाव के लिए तैयार करने में किरण की बड़ी भूमिका रही। समय के साथ अजीत पवार की पर्सनैलिटी में भी बदलाव आया था। पहले वह धार्मिक बातों से दूरी रखते थे, लेकिन उम्र और अनुभव के साथ उनका नजरिया संतुलित हुआ। हालांकि, उन्होंने कभी आस्था का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं किया।
हादसे के दिन की याद करते हुए किरण गूजर ने कहा कि प्लेन में चढ़ने से पहले अजीत पवार ने उन्हें फोन किया था। उन्होंने बताया था कि वह विमान में सवार हो रहे हैं। किरण उन्हें लेने एयरपोर्ट गए थे। उनके अनुसार, विमान उनकी आंखों के सामने क्रैश हुआ। बाद में जब शव को कार में रखा जा रहा था, तब उन्होंने अजीत पवार को अपने दादा के रूप में पहचाना। किरण ने कहा कि यह किसी बुरे सपने जैसा था।


















