उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा नगर क्षेत्र में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर बड़ा झटका लगा। यहां पार्टी के दस बूथ अध्यक्षों ने एक साथ अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। यह सामूहिक इस्तीफा यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के एक मसौदे के विरोध में दिया गया है, जिसे लेकर स्वर्ण समाज में गहरी नाराजगी बताई जा रही है।
इस्तीफा देने वाले बूथ अध्यक्षों का कहना है कि यूजीसी के इस मसौदे से स्वर्ण समाज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उनका आरोप है कि यह समाज लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का पारंपरिक समर्थक रहा है, लेकिन मौजूदा हालात में पार्टी की नीतियों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाना उनके लिए मुश्किल हो गया है।
सामूहिक त्यागपत्र में बूथ अध्यक्षों ने साफ शब्दों में लिखा है कि यदि यूजीसी से जुड़ा यह बिल या मसौदा वापस नहीं लिया गया, तो उन्हें मुरारी नगर शक्ति केंद्र और उससे जुड़ी सभी समितियों से मुक्त कर दिया जाए। इन इस्तीफों की प्रतियां सोशल मीडिया पर भी डाला गया है।
इस्तीफा देने वालों में विनय, राजवीर, पुरुषोत्तम, चंद्रशेखर, नीरज, प्रवीण, मुकेश, शिवेंद्र और सतेंद्र शामिल हैं। ये सभी खुर्जा के मुरारीनगर क्षेत्र से जुड़े हुए थे और स्थानीय स्तर पर पार्टी संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
इस घटनाक्रम के बाद जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक भाजपा नेताओं के बीच हलचल तेज हो गई है। पार्टी के अंदर इस मुद्दे पर मंथन शुरू हो गया है कि यूजीसी मसौदे को लेकर उपजे असंतोष को कैसे संभाला जाए। वहीं, सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है और इसपर वाद-विवाद चल रहा है।




















