देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को भारतीय वायु सेना ने कर्तव्य पथ के ऊपर शानदार फ्लाईपास्ट कर अपनी शक्ति और क्षमता का प्रदर्शन किया। इस दौरान लड़ाकू विमानों ने खास ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ में उड़ान भरी। यह प्रदर्शन वायु सेना की उस क्षमता को दर्शाता है, जिसके तहत वह दुश्मन पर गहरी और सटीक कार्रवाई करने में सक्षम है।
सिंदूर फॉर्मेशन में कुल सात लड़ाकू विमान शामिल थे। इसमें दो राफेल, दो सुखोई-30, दो मिग-29 और एक जगुआर विमान ने एक साथ उड़ान भरी। इस फॉर्मेशन को ऑपरेशन सिंदूर जैसी सैन्य कार्रवाइयों को समर्पित बताया गया, जो वायु सेना की मारक शक्ति और रणनीतिक सोच को दर्शाता है।
पूरे फ्लाईपास्ट में कुल 29 विमान शामिल हुए। इनमें 16 लड़ाकू विमान, चार हेलीकॉप्टर और नौ परिवहन विमान थे। इस हवाई प्रदर्शन के जरिए भारतीय वायु सेना की व्यापक ऑपरेशनल पहुंच, बहुमुखी क्षमता और आधुनिक तकनीकी ताकत को दिखाया गया।
फ्लाईपास्ट को दो अलग-अलग ब्लॉकों में आयोजित किया गया। पहले ब्लॉक की शुरुआत चार एमआई-17 हेलीकॉप्टरों के ‘ध्वज फॉर्मेशन’ से हुई। इन हेलीकॉप्टरों ने कर्तव्य पथ पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। इसके बाद ‘प्रहार फॉर्मेशन’ में तीन उन्नत हल्के हेलीकॉप्टरों ने विक फॉर्मेशन में उड़ान भरी।
इसके बाद लड़ाकू हेलीकॉप्टरों ने एस्टर्न फॉर्मेशन में उड़ान भरी, जिसमें एक अपाचे और एक हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर शामिल था। ब्लॉक-1 का मुख्य आकर्षण स्पीयरहेड फॉर्मेशन रहा। इस फॉर्मेशन में राफेल, मिग-29, सुखोई-30 और जगुआर जैसे प्रमुख लड़ाकू विमान शामिल थे। इसने वायु सेना की लड़ाकू क्षमता और मल्टी-रोल ताकत को प्रभावी ढंग से पेश किया।
ब्लॉक-2 का आयोजन परेड के बाद किया गया। इसमें वायु सेना की रणनीतिक एयरलिफ्ट, समुद्री निगरानी और हवाई प्रभुत्व क्षमताओं का प्रदर्शन हुआ। अर्जन फॉर्मेशन में एक सी-130 और दो सी-295 परिवहन विमानों ने हिस्सा लिया। इसके बाद वरुण फॉर्मेशन में पी-8आई समुद्री गश्ती विमान सुखोई-30 लड़ाकू विमानों के साथ नजर आया।
ब्लॉक-2 का सबसे बड़ा आकर्षण छह राफेल विमानों की वज्रांग एरोहेड फॉर्मेशन रही। यह फॉर्मेशन एक अकेले राफेल विमान के वर्टिकल चार्ली मैन्यूवर के साथ समाप्त हुई। यह प्रदर्शन सटीकता, कौशल और उत्कृष्टता का प्रतीक माना गया।
गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय वायु सेना के मार्चिंग दस्ते का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर जे कुमार ने किया। स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिनेश एस भी इस दस्ते का हिस्सा रहे। वायु सेना बैंड का नेतृत्व सार्जेंट चार्ल्स एंटनी डैनियल ने किया। बैंड ने परेड के दौरान साउंड बैरियर धुन बजाकर माहौल को और जोशीला बना दिया।


















