भारत आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। सोमवार, 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया। सुबह से ही देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। परेड की शुरुआत 21 तोपों की सलामी और राष्ट्रगान के साथ हुई।
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों ने कर्तव्य पथ पर फूलों की वर्षा की। यह ध्वज फॉर्मेशन 129 हेलीकॉप्टर यूनिट की ओर से किया गया। इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत कर रहे थे। फूलों की बारिश के साथ पूरे कर्तव्य पथ पर उत्साह और गर्व का माहौल बन गया।
परेड में भारत की स्वदेशी रक्षा ताकत का शानदार प्रदर्शन भी हुआ। कर्तव्य पथ पर स्वदेशी तोपखाने के दो बड़े प्रतीक धनुष गन सिस्टम और अमोघ यानी एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम को पेश किया गया। इन हथियार प्रणालियों ने आत्मनिर्भर भारत और रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता की झलक दिखाई।
इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सलामी मंच पर पहुंचीं। उनके साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मौजूद रहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया।
ब्रह्मोस और आकाश की दिखी ताकत
परेड के दौरान ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणाली, गहन मारक क्षमता वाला सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर और अर्जुन युद्धक टैंक भी आकर्षण का केंद्र रहे। अधिकारियों के मुताबिक, इस बार पहली बार नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन और शक्तिबन रेजिमेंट ने भी परेड में हिस्सा लिया। इसके अलावा ज़ांस्कर पोनी और बैक्ट्रियन ऊंट भी परेड में शामिल किए गए।
इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरता पुरस्कारों से जवानों को सम्मानित किया। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया जाना चाहिए। वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए आत्मनिर्भर भारत के लिए योगदान देने की अपील की।


















