धार जिले की भोजशाला एक बार फिर चर्चा में आ गई है। यहां हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यज्ञ और वैदिक मंत्रों के बीच पढ़ी गई नमाज क्या इस्लाम के अनुसार स्वीकार होती है या नहीं। इसी बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
घटना मध्य प्रदेश के धार की है। दोपहर करीब एक बजे हिंदू महासभा के सैकड़ों कार्यकर्ता भोजशाला परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने वाग्देवी मां सरस्वती का पूजन किया। इस दौरान प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा। ठाकुर ने कहा कि उन्होंने पहले ही शासन और प्रशासन से निर्बाध पूजा की मांग की थी।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अगर हिंदू समाज पर किसी भी तरह का अत्याचार होता या लाठीचार्ज किया जाता, तो संगठन इसका विरोध करता। उनके मुताबिक भोजशाला में संपन्न हुई अखंड पूजा हिंदू समाज की जीत है। उन्होंने दावा किया कि वर्षों से हिंदू समाज के साथ छल किया गया।
जितेंद्र सिंह ठाकुर ने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने मिलकर हिंदू समाज को धोखा दिया। उनका कहना था कि जानबूझकर वर्षों तक भोजशाला में मुस्लिम समाज को नमाज पढ़ने दी गई। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में भोजशाला में मुस्लिमों की नमाज और प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जानी चाहिए।

अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि भोजशाला में जबरन नमाज पढ़ना आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने 1947 के विभाजन का जिक्र करते हुए तीखी टिप्पणी की। ठाकुर ने कहा कि अब हिंदू समाज ऐसे मुद्दों पर और चुप नहीं बैठेगा।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां सरस्वती से किया गया वादा पूरा करना चाहिए। साथ ही उन्होंने लंदन के संग्रहालय में रखी वाग्देवी की प्रतिमा को धार की भोजशाला में स्थापित करने की मांग दोहराई।
यह पूरा मामला ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़ा है, जिसे लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।





















