प्रयागराज माघ मेले में ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अभी शांत होता नहीं दिख रहा है। इस मुद्दे पर अब बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान सामने आया है। उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने और आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
राजस्थान के कोटा में चल रही कथा के दौरान मीडिया से बात करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह विवाद अपनों के बीच है। दोनों ही पक्ष सनातन परंपरा से जुड़े हैं। ऐसे में टकराव की जगह संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की बयानबाजी या कदम ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे सनातन धर्म को लेकर मजाक बने।
धीरेंद्र शास्त्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले में जिस तरह की हास्य-परिहास की स्थिति बन रही है, वह ठीक नहीं है। इससे न तो समाज का भला होगा और न ही किसी पक्ष को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि संत समाज और प्रशासन को साथ बैठकर बीच का रास्ता निकालना चाहिए।
आंतरिक विवाद नुकसान पहुंचाएगा
उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म पहले से ही कई चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे समय में आंतरिक विवाद नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि सभी पक्ष जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें और शांति बनाए रखें।
धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी सोशल मीडिया में जरूरत से ज्यादा उलझी हुई है। इससे उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे असल जिंदगी में सक्रिय रहें। परिवार को समय दें। अपनी जड़ों से जुड़े रहें।
गौ सेवा को लेकर भी उन्होंने अहम बात कही। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सिर्फ गौशालाएं बनाना ही काफी नहीं है। उन्होंने “एक हिंदू, एक गाय” की परंपरा को फिर से अपनाने की बात कही। उनका कहना था कि इससे गौ संरक्षण को असली मजबूती मिलेगी।
गौरतलब है कि प्रयागराज में चल रहे माघ मेला को लेकर शंकराचार्य और मेला प्रशासन के बीच विवाद सुर्खियों में है। वहीं कोटा में धीरेंद्र शास्त्री की कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

















