भागीरथपुरा क्षेत्र निवासी बद्रीप्रसाद की मृत्यु किसी भी प्रकार की जलजनित बीमारी से नहीं, बल्कि उनकी पहले से चली आ रही गंभीर और पुरानी बीमारियों के कारण हुई है। यह स्पष्ट जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने दी।
डॉ. हसानी के अनुसार, बद्रीप्रसाद को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका चिकित्सकीय इतिहास पहले से ही जटिल रहा है। वे पुरानी टीबी से पीड़ित थे, पूर्व में उनकी एंजियोप्लास्टी हो चुकी थी, साथ ही वे मधुमेह (डायबिटीज) और उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) जैसी गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित थे।
इससे पूर्व उनका उपचार एमवाय अस्पताल में किया गया था, जहां से स्वस्थ होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी और वे अपने घर लौट गए थे। हालांकि, बाद में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पुनः अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
वर्तमान में उपलब्ध सभी चिकित्सकीय तथ्यों और रिपोर्ट्स के आधार पर यह निष्कर्ष सामने आया है कि उनकी मृत्यु का संभावित कारण उनकी पुरानी एवं गंभीर बीमारियां ही हैं। जांच में उनकी मृत्यु का किसी भी प्रकार की जलजनित बीमारी से कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है।
इसके साथ ही प्रशासन ने बताया कि शासन स्तर पर उनकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए परिजनों को सहायता प्रदान किए जाने के संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

















