23.7 C
Indore
Wednesday, October 21, 2026
Homeबड़ी खबरजज से बहस पड़ी भारी, सुप्रीम कोर्ट ने वकील को लगाई कड़ी...

जज से बहस पड़ी भारी, सुप्रीम कोर्ट ने वकील को लगाई कड़ी फटकार

Date:

झारखंड हाईकोर्ट के एक जज से तीखी बहस के मामले में अधिवक्ता महेश तिवारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ जारी आपराधिक अवमानना के नोटिस में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने वकील को कड़ी फटकार भी लगाई।

मामला पिछले साल 16 अक्टूबर का है, जब झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता महेश तिवारी और न्यायमूर्ति राजेश कुमार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई थी। बहस के दौरान महेश तिवारी ने जज से कहा था कि वे हद पार न करें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि वह अपने तरीके से बहस करेंगे, किसी के निर्देश पर नहीं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

इस घटना के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने अधिवक्ता महेश तिवारी के खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया था। नोटिस को चुनौती देते हुए महेश तिवारी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। हालांकि, यहां उन्हें कोई राहत नहीं मिली।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि याचिकाकर्ता सिर्फ यह दिखाना चाहते हैं कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह की याचिकाएं न्यायिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं हैं।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर किसी वकील को अपनी गलती का एहसास है, तो उसे हाईकोर्ट के सामने बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि जजों को आंख दिखाने का रवैया स्वीकार्य नहीं है।

मुख्य न्यायाधीश ने झारखंड हाईकोर्ट से यह भी कहा कि यदि अधिवक्ता महेश तिवारी बिना शर्त माफी मांगते हैं, तो उनके प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।

Related Posts

spot_img
Shivraj Singh Chouhan: आदिवासी परिवारों के घर टूटने पर शिवराज नाराज, मुख्यमंत्री से करेंगे बात

Shivraj Singh Chouhan: आदिवासी परिवारों के घर टूटने पर शिवराज नाराज,...

0
कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घरों और फसलों पर कार्रवाई से नाराज शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावितों से मुलाकात की। उन्होंने मुख्य सचिव से बात की और स्थायी आवास मिलने तक रहने-खाने का इंतजाम कराने का भरोसा दिया।

मध्य प्रदेश