इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी को लेकर फैली चिंताओं के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि हाल ही में हुई हेमंत की मृत्यु डायरिया से नहीं, बल्कि गंभीर बीमारी के कारण हुई है। प्रशासन के अनुसार, डायरिया से प्रभावित कोई भी मरीज इस समय गंभीर स्थिति में नहीं है और सभी मरीज इस बीमारी से स्वस्थ हो चुके हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि हेमंत पिता गोविंद, उम्र 51 वर्ष, निवासी भागीरथपुरा, का निधन 20 जनवरी 2026 को रात 9 बजकर 41 मिनट पर अरविंदो अस्पताल में हुआ। चिकित्सकीय रिकॉर्ड के अनुसार उनकी मृत्यु का कारण कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट था। वह पहले से कैंसर से पीड़ित थे और उसी का इलाज चल रहा था। ऐसे में डायरिया को उनकी मौत का कारण बताना भ्रामक है।
डॉ. हासानी ने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र से जिन मरीजों को पहले डायरिया की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती किया गया था, वे अब डायरिया से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। फिलहाल अस्पतालों में वही मरीज भर्ती हैं, जो पहले से अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। शासन के निर्देश पर इन सभी मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है।
अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज में अस्पतालों में भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों का इलाज अन्य गंभीर बीमारियों के लिए चल रहा है। अपोलो हॉस्पिटल में 58 वर्षीय पुरुष का पैर के गंभीर संक्रमण और किडनी रोग का इलाज जारी है। केयर सीएचएल हॉस्पिटल में 23 वर्षीय महिला एमटीबी और बेसल मेनिन्जाइटिस विथ हाइड्रोसेफेलस से पीड़ित हैं। अरविंदो अस्पताल में 63 वर्षीय पुरुष एमटीबी, हाई ब्लड प्रेशर और वायरल हेपेटाइटिस से जूझ रहे हैं। वहीं 66 वर्षीय महिला लीवर संक्रमण से पीड़ित हैं।
इसके अलावा बॉम्बे हॉस्पिटल में 65 वर्षीय पुरुष मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम और एन्सेफेलोपैथी से पीड़ित हैं। कुछ अन्य मरीज न्यूरोलॉजिकल समस्याओं और गंभीर चोटों का इलाज करा रहे हैं। डायरिया से पूरी तरह ठीक हो चुके दो मरीजों को जल्द ही डिस्चार्ज किया जा रहा है।
प्रशासन ने बताया कि भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में सघन स्वास्थ्य अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 6,365 घरों तक पहुंच बनाकर 26,977 नागरिकों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। लोगों को ओआरएस और जिंक का वितरण किया गया है। इसके साथ ही मेगा माइकिंग, स्वास्थ्य परामर्श, नि:शुल्क परिवहन, इलाज और गैर संचारी रोगों की जांच भी की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

















