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Wednesday, October 21, 2026
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भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में सरकार का बड़ा फैसला, जांच के लिए समिति बनी, एक महीने में आएगी जांच रिपोर्ट

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इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की सप्लाई का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति मामले की हर पहलू से जांच करेगी और एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

सरकार की ओर से गठित इस समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन) संजय कुमार शुक्ल करेंगे। समिति में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी. नरहरि और नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोडवे को सदस्य बनाया गया है। वहीं इंदौर संभाग के आयुक्त सुदाम खाड़े को समिति का सदस्य-सचिव नियुक्त किया गया है।

समिति यह जांच करेगी कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पानी किस वजह से दूषित हुआ। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इसके पीछे तकनीकी खामी थी, प्रशासनिक लापरवाही या फिर प्रबंधन स्तर पर कोई चूक हुई। जांच के दौरान यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

मौके पर जाकर निरीक्षण करने का अधिकार भी मिला

सरकार ने समिति को यह भी निर्देश दिए हैं कि वह भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए ठोस सुझाव दे। जरूरत पड़ने पर समिति संबंधित विभागों से दस्तावेज और रिकॉर्ड मांग सकती है। साथ ही मौके पर जाकर निरीक्षण करने का अधिकार भी समिति को दिया गया है।

भागीरथपुरा में दूषित पानी की शिकायतों के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई थी। अब राज्य सरकार की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।

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