बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार और कट्टरपंथी नेताओं की ओर से भारत के ‘चिकन नेक’ को काटने जैसी धमकियों के बीच नागालैंड के बीजेपी विधायक Temjen Imna Along ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग पूर्वोत्तर भारत को अलग करने की बातें कर रहे हैं, वे यहां की ताकत और इतिहास को नहीं जानते। इमना का यह बयान ऐसे समय आया है जब सीमा पार बयानबाज़ी से क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ी है।
कट्टरपंथी बयानबाज़ी पर तीखी प्रतिक्रिया
इमना अलोंग ने कहा कि ‘चिकन नेक’ जैसे शब्द केवल मीडिया की शब्दावली हैं और पूर्वोत्तर भारत किसी कमजोर कड़ी से नहीं, बल्कि मजबूत रिश्तों से देश से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी बांग्लादेशी गलत नहीं हैं, लेकिन कुछ कट्टरपंथी तत्व जानबूझकर उकसाने वाले बयान दे रहे हैं। विधायक ने कहा कि ऐसे लोग अगर पूर्वोत्तर आकर देखें तो उन्हें जमीनी सच्चाई का अंदाजा हो जाएगा।

महाभारत के प्रतीकों का दिया संदर्भ
नागालैंड विधायक ने महाभारत काल के पात्र Ghatotkach और Hidimba का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर की शक्ति और साहस को कम आंकना भूल होगी। उन्होंने यह भी कहा कि गला काटने जैसी धमकियों का जवाब देना यहां के लोग अच्छी तरह जानते हैं।
इमना अलोंग ने 1971 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने बांग्लादेश को आज़ादी दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। उन्होंने अफसोस जताया कि कुछ लोग इस इतिहास को भुलाकर भड़काऊ राजनीति कर रहे हैं। ऐसे बयान न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा हैं।
क्या है भारत का चिकन नेक
भारत का चिकन नेक दरअसल Siliguri Corridor को कहा जाता है जो पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में स्थित एक संकरा भू-भाग है। इसकी चौड़ाई कुछ स्थानों पर 20 से 22 किलोमीटर तक है और यही मार्ग अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम को शेष भारत से जोड़ता है। इसकी सीमाएं नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से लगती हैं जबकि पास में चीन की चुंबी घाटी भी स्थित है।

















