29.4 C
Indore
Wednesday, October 21, 2026
Homeमध्यप्रदेशइलाज के नाम पर धर्मांतरण? जबलपुर में हिंदू संगठनों ने लगाया आरोप,...

इलाज के नाम पर धर्मांतरण? जबलपुर में हिंदू संगठनों ने लगाया आरोप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

Date:

जबलपुर जिले के कुंडेश्वर इलाके में मंगलवार को एक बड़ा खुलासा हुआ। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि यहां एक घर में ‘चंगाई सभा’ यानी इलाज के नाम पर गरीब और आदिवासी लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा था।

विश्व हिंदू परिषद के एक पदाधिकारी ने बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से यह सूचना मिल रही थी कि गांव में लोगों को लालच देकर ईसाई बनाया जा रहा है। इस सूचना पर VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने घर पर छापा मारा। उनका कहना है कि वहां एक प्रार्थना सभा चल रही थी और लोगों को बाइबल पढ़ाई जा रही थी। आरोप है कि लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा था। कार्यकर्ताओं ने उस जगह से बाइबल और अन्य सामग्री भी बरामद की।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

संगठन के कार्यकर्ताओं ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस वहां मौजूद कई लोगों को हिरासत में लेकर कुंडेश्वर थाना ले गई। पुलिस ने इस मामले में धारा 151 (शांति भंग होने का खतरा) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। हालांकि हिंदू संगठनों ने शुरुआत में पुलिस पर टालमटोल का आरोप लगाया था।

विश्व हिंदू परिषद के अधिकारियों ने इस घटना का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वे इस तरह की ‘चंगाई सभाओं’ के नाम पर हो रहे धर्मांतरण की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।

क्या कहता है कानून?

मध्य प्रदेश में ‘मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम’ लागू है। इस कानून के तहत किसी को भी लालच, धमकी या बलपूर्वक धर्म बदलने के लिए मजबूर करना एक दंडनीय अपराध है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस मामले में वाकई लोगों को लालच देकर या किसी दबाव में धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

Related Posts

spot_img
Shivraj Singh Chouhan: आदिवासी परिवारों के घर टूटने पर शिवराज नाराज, मुख्यमंत्री से करेंगे बात

Shivraj Singh Chouhan: आदिवासी परिवारों के घर टूटने पर शिवराज नाराज,...

0
कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घरों और फसलों पर कार्रवाई से नाराज शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावितों से मुलाकात की। उन्होंने मुख्य सचिव से बात की और स्थायी आवास मिलने तक रहने-खाने का इंतजाम कराने का भरोसा दिया।

मध्य प्रदेश