बिहार के सृजन कोष घोटाले में फंसे एक पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी यानी BDO पर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने पूर्व बीडीओ चंद्रशेखर झा की पूरी पेंशन राशि जब्त करने का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि उन्हें अब पेंशन के रूप में एक भी रुपया नहीं मिलेगा। झा पर आरोप है कि पीरपैंती में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी खातों से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की अवैध निकासी कराई थी।
चंद्रशेखर झा पर सीबीआई ने साल 2018 में मामला दर्ज किया था। विभाग ने सीबीआई की चार्जशीट को आधार मानते हुए कहा है कि झा ने लोक सेवक के रूप में काम करते हुए षडयंत्र और जालसाजी से करोड़ों रुपये सृजन महिला विकास सहयोग समिति के खाते में ट्रांसफर किए। यह समिति बैंकिंग कारोबार करने के लिए अधिकृत भी नहीं थी।
गाजियाबाद, यूपी में पत्नी के नाम पर फ्लैट
जांच में यह भी सामने आया कि झा ने इस गबन किए गए पैसे से गाजियाबाद में अपनी पत्नी के नाम एक फ्लैट बुक कराया था। विभाग ने माना कि झा ने सरकारी धन के दुरुपयोग और गबन के आरोप को प्रमाणित किया है। इसीलिए उनकी शत प्रतिशत पेंशन काटने का कड़ा फैसला लिया गया है। इस आदेश की कॉपी सीबीआई और जिला अधिकारी को भेज दी गई है।
झा पर कार्रवाई का मार्ग तब प्रशस्त हुआ जब धनबाद के डीएम ने 12 जुलाई 2025 को विभाग को आरोपपत्र सौंपा। विभाग द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण में झा ने कहा था कि बिना कार्रवाई के सीधे पेंशन रोकी नहीं जा सकती और यह आरोप चार साल से अधिक पुराने हैं। लेकिन विभाग ने उनकी इस दलील को झूठा और खारिज करते हुए पेंशन जब्त करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया।





















