मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में पुलिस ने एक ऐसी ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री सुलझाई है जिसने सभी को हैरान कर दिया। जिस शख्स को अब तक मृत माना जा रहा था, वही इस पूरे हत्या कांड का असली मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने लगभग डेढ़ साल बाद उसे उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम हुसन सिंह है, जो आर्मी में पैरा कमांडो रह चुका है और उसके खिलाफ तीन राज्यों में लूट, हत्या और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े आठ गंभीर मामले दर्ज हैं।
घटना पिछले साल कुंडी भंडारा क्षेत्र की है जहां एक अधजली लाश मिली थी। लाश के पास से हुसन सिंह का आधार कार्ड और कुछ दस्तावेज मिले थे, जिससे पुलिस को लगा कि मृतक वही है। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर मामला उलझता गया। पुलिस को शक हुआ कि लाश किसी और की है और कातिल कोई दूसरा। बाद में पता चला कि हुसन सिंह ने खुद को मरा दिखाने के लिए एक अनजान युवक को झांसे में लेकर उसकी हत्या कर दी थी।
आर्मी में पैरा कमांडो था हत्यारा
जांच में सामने आया कि हुसन सिंह पहले आर्मी में पैरा कमांडो था और बाद में पनवेल में गणेश शर्मा के साथ होटल चलाता था। पुलिस ने गणेश शर्मा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि दोनों ने मिलकर मनमाड से एक युवक को बहला फुसलाकर बुरहानपुर लाया। खेत में शराब पिलाई और फिर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में शव पर पेट्रोल डालकर उसे जला दिया गया ताकि उसकी पहचान मिट जाए और हुसन सिंह खुद को मरा हुआ साबित कर सके।
हत्या के बाद से हुसन सिंह फरार था। उस पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में थी लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलता रहा। पुलिस उसकी लोकेशन मोबाइल और सोशल मीडिया की जानकारी के आधार पर ट्रैक कर रही थी। आखिरकार सूचना मिली कि वह आगरा में छिपा है। इसके बाद पुलिस टीम ने आगरा एटीएस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पैसों का विवाद बना हत्या की वजह
पूछताछ में हुसन सिंह ने बताया कि प्रितेश गुप्ता नामक व्यक्ति से पैसों को लेकर उसका विवाद था। उसे फंसाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने बेगुनाह की हत्या कर अपनी मौत का ड्रामा रचा। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि आरोपी बेहद ट्रेंड और चालाक था, इसलिए उसकी गिरफ्तारी में लंबा समय लगा।


















