ग्वालियर के प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान मंदिर में अब श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। यानी मंदिर में प्रवेश सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगा जो मर्यादित और पूरे कपड़े पहनकर आएंगे। स्कर्ट, मिनी टॉप और कटे फटे कपड़ों में आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर प्रबंधन ने परिसर में बड़े पोस्टर लगाकर साफ कर दिया है कि शालीन वस्त्र ही स्वीकार्य होंगे।
मंदिर समिति का कहना है कि अक्सर देखा जा रहा था कि कई युवा छोटे या भड़कीले कपड़ों में मंदिर आ जाते थे। इससे मंदिर की गरिमा और माहौल दोनों प्रभावित होते थे। इसी कारण खेड़ापति हनुमान मंदिर और बालाजी धाम सरकार दोनों ने मिलकर निर्देश जारी किए हैं। उनका मानना है कि आस्था के स्थान पर ऐसे वस्त्र पहने जाने चाहिए जो मन को शांत करें और वातावरण को आध्यात्मिक बनाए रखें।
मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से नियमों के पालन की उम्मीद की है। पोस्टर लगाने के बाद कई लोगों ने इस कदम को सही बताया है और कहा है कि धार्मिक स्थल पर शालीनता जरूरी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भड़कीले या खुल्ले कपड़े मंदिर जैसे पवित्र स्थान के लिए उचित नहीं हैं और इससे वहां का आध्यात्मिक वातावरण भी प्रभावित होता है।
अन्य श्रद्धालुओं को होती थी असहजता
समिति के सदस्यों ने बताया कि कई बार भक्त कटे फटे या बहुत छोटे कपड़ों में आते थे जिससे अन्य श्रद्धालुओं को असहजता होती थी। शिकायतें बढ़ने के बाद यह नियम लागू करने का फैसला लिया गया। अब यह सुनिश्चित किया गया है कि मंदिर परिसर में दर्शन सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगा जो मर्यादा का ध्यान रखेंगे। समिति मानती है कि इससे मंदिर का अनुशासन और शांति बनी रहेगी।
मंदिर में जारी इस नए नियम की शहरभर में चर्चा हो रही है। कई लोग इसे सही कदम बताते हुए कह रहे हैं कि सनातन परंपरा में भी वस्त्रों की मर्यादा का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं ने सुझाव दिया है कि ऐसी व्यवस्था अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी लागू की जानी चाहिए ताकि पवित्र स्थानों की गरिमा बनी रहे।





















