Lucky Hand Signs: हस्तरेखा शास्त्र में हृदय रेखा को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह रेखा कनिष्ठिका उंगली के नीचे से शुरू होती है और हथेली के केंद्र से गुजरते हुए गुरु पर्वत तक जाती है। हर व्यक्ति के हाथ में यह रेखा अलग रूप में दिखाई देती है। कहा जाता है कि जिस व्यक्ति की हृदय रेखा बिल्कुल साफ हो और उस पर कोई कट या टूटी जगह न हो, उसका जीवन अधिक स्थिर और सफल माना जाता है। ऐसे लोग समाज में सम्मान पाते हैं और उनकी पहचान मजबूत होती है।
अगर किसी के हाथ में हृदय रेखा कटी फटी या अस्पष्ट दिखाई देती है तो इसे संघर्ष का संकेत माना जाता है। ऐसे लोगों को जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि यह भी देखा गया है कि सही प्रयास और संयम से इन्हें आगे बढ़ने के अवसर जरूर मिलते हैं। इसलिए हृदय रेखा की स्थिति व्यक्ति के स्वभाव और उसकी लाइफ जर्नी पर काफी प्रभाव डालती है।
हस्तरेखा के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की हृदय रेखा के साथ-साथ मस्तिष्क रेखा और जीवन रेखा भी लंबी और साफ दिखाई दे रही हों तो वह व्यक्ति अत्यंत भाग्यशाली माना जाता है। ऐसे लोग निरंतर प्रगति करते हैं और उनके पास सुख समृद्धि का प्रवाह बना रहता है। इनके जीवन में धन और अवसर अपने आप आकर्षित होते रहते हैं। यह शुभ योग जीवन में स्थिरता और विकास दोनों का संकेत देता है।
हृदय रेखा का अंतिम स्थान भी बहुत कुछ बताता है। अगर यह रेखा सूर्य पर्वत यानी अनामिका उंगली के नीचे तक जाती है तो व्यक्ति में सूर्य से जुड़ी खूबियां स्वतः आ जाती हैं। ऐसे लोग प्रसिद्धि के योग में होते हैं। सम्मान मिलता है और जीवन में वृद्धि के अवसर बढ़ते हैं। यह स्थिति बेहद खास मानी जाती है क्योंकि यह व्यक्ति को समाज में अलग पहचान दिलाती है।
हस्तरेखा पढ़ने वाले कहते हैं कि यह जानना जरूरी है कि आपकी हृदय रेखा किस पर्वत पर जाकर समाप्त होती है। इससे व्यक्ति की भविष्य की दिशा और उसके गुणों का पता चलता है। इसलिए हाथ की रेखाओं को समझना जीवन के कई पहलुओं को जानने में मदद कर सकता है।





















